आपातकाल के खिलाफ ग्वालियर में हुआ था आजाद भारत का पहला मासूम बच्चों का प्रदर्शन

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भरतपुर राजस्थान में व्याख्याता पद पर कार्यरत डॉ. महेन्द्र चतुव्रेदी ने फेसबुक पर भारत में आपातकाल के समय ग्वालियर में हुए एक घटनाक्रम का फोटो शेयर किया है। इस फोटो में कुछ मासूम आपातकाल के विरोध में प्रदर्शन करते हुए दिखाए गए हैं। चूंकि फेसबुक करंट अफेयर्स के लिए अच्छा मंच हैं परंतु इतिहास को सुरक्षित रखने में नाकाम होता है अत: हम इस फोटो और इसके विवरण को शिवपुरीसमाचार.कॉम पर प्रकाशित कर रहे हैं, ताकि यह हमेशा-हमेशा के लिए सुरक्षित रहे।
हम जानते हैं कि इस आधुनिक युग में लोगों ने इतिहास से रिश्ता तोड़ लिया है एवं यह पोस्ट पाठकों को आकर्षित करने में कामयाब नहीं होगी, परंतु केवल इसलिए कि यदि दुनिया में कभी कोई गूगल पर खोजने का प्रयास करे तो उसका यह प्रयास निर्थक न जाए, इस ध्येय के साथ हम इसका प्रकाशन कर रहे हैं। आप भी देखिए यह फोटो और श्री चतुव्रेदी द्वारा किया गया इस फोटो का वर्णन :-


25 जून - 26 जून की मध्य रात्रि जब देश में आपातकाल लागू किया गया. उस समय ग्वालियर में भी अनेक लोगो को राजनेतिक बंदी के रूप में गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया था.राजनेतिक बंदियों के रूप में प्रो.मुनीन्द्र मोहन चतुर्वेदी (मेरे पिता) , श्री बाबा साहब खानवलकर, श्री कप्तान सिंह सोलंकी, डॉ.अम्बरडेकर, दादा बेलापुरकर आदि थे. ऐसे ही राजनेतिक बंदियों के परिवार के लगभग 40 छोटे छोटे बच्चो द्वारा वर्ष 1976 में सत्याग्रह किया था. 

संभवत ये सबसे छोटे बच्चो द्वारा किया गया पहला सत्याग्रह था. ये फोटो ग्वालियर की कोतवाली के परिसर में पोलिस विभाग ने रिकार्ड के लिए लिया था जिसे बाद में स्व. बाबा साहब खानवलकर एवं प्रो.मुनीन्द्र मोहन चतुर्वेदी ने प्रयत्न पूर्वक संग्रहीत किया था | उक्त फोटो में मैं सबसे बाई और दक्ष (सावधान) की मुद्रा में खड़ा हू. 

मेरी बड़ी बहन मीनू दीदी, छोटी बहन चित्रा, छोटा भाई मयंक, बाबा साहब की लडकिया रंजू ताई, सीमा ताई, नीतू, कप्तान सिंह सोलंकी जी के बच्चे ज्योति,राजेश, दादा बेलापुरकर जी की लड़की नीलिमा, विवेक जोशी आदि बच्चो को पहचाना जा सकता है. इस सत्याग्रह का नेत्रत्व रंजू ताई और विवेक जोशी ने किया था. ये ऐसा ऐतिहासिक कार्य था जिसे याद कर आज हर वो बच्चा अपने आप को गोरवान्वित महसूस करता है जो इस कार्य में शामिल था. बहुत से बच्चो का नाम मुझे भी याद नहीं है यदि कोई पहचान कर बतावे तो अति सुंदर होगा 

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