शिवपुरी. सीबीएसई स्कूलों की मनमानी से शहर के अभिभावक परेशान हैं। बोर्ड के नियमों को ताक पर रखते हुए स्कूलों में यूनिफॉर्म बेची जा रही है। ऐसे ही परेशान एक अभिभावक ने बोर्ड को राइट टू इनफॉर्मेशन के तहत जानकारी मांगी थी। इसमें खुलासा हुआ है कि सीबीएसई स्कूल परिसर में पुस्तकें या यूनिफॉर्म नहीं बेच सकते। सीबीएसई ने साफ कहा है कि यदि कोई स्कूल ऐसा करता है तो उसकी मान्यता रद कर दी जाएगी।
शहर में कई सीबीएसई से एफीलिएटेड स्कूल हैं जहां पर यूनिफॉर्म दाखिले के समय स्कूल से ही दी जाती है। ऐसा करने वालों में कान्वेंट स्कूल भी शामिल हैं। यूनिफॉर्म की कीमत बाजार भाव से ज्यादा रहती है। बोर्ड एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित पुस्तकें लगाने के लिए कहता है, लेकिन स्कूल प्राइवेट पब्लिशर की पुस्तकों से पढ़ाई करवा रहे हैं। जब अभिभावक इस पर आपत्ति जताते हैं तो उनकी सुनवाई नहीं की जाती।
उन पर हर समय अपने बच्चे को कहीं और पढ़ा लेने का दबाव बनाया जाता है। दिनेश सोनी ने आरटीआई की जो प्रति उपलब्ध कराई है उसमें स्पष्ट लिखा है कि सीबीएसई के अधीन स्कूल परिसर में किताबें, यूनिफॉर्म एवं जूते बेचने का प्रावधान नहीं है। यदि बोर्ड को इस संबंध शिकायत मिलती है तो स्कूल पर कार्रवाई की जा सकती है। यहां तक कि स्कूल की एफिलिएशन भी रद्द की जा सकती है।
उन पर हर समय अपने बच्चे को कहीं और पढ़ा लेने का दबाव बनाया जाता है। दिनेश सोनी ने आरटीआई की जो प्रति उपलब्ध कराई है उसमें स्पष्ट लिखा है कि सीबीएसई के अधीन स्कूल परिसर में किताबें, यूनिफॉर्म एवं जूते बेचने का प्रावधान नहीं है। यदि बोर्ड को इस संबंध शिकायत मिलती है तो स्कूल पर कार्रवाई की जा सकती है। यहां तक कि स्कूल की एफिलिएशन भी रद्द की जा सकती है।
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