भोपाल. परिवार कल्याण कार्यक्रम की लक्ष्यपूर्ति की आड़ में जबरदस्ती नसबंदी किए जाने की खबरों से आहत सीएम ने आज कलेक्टरों से दो टूक शब्दों में कह दिया कि ऐसा नहीं चलेगा। परिवार कल्याण एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, ऐसी किसी भी घटना से कार्यक्रम प्रभावित होता है। यह अफसरों की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं पर नजर रखें।
मंत्रलय में परख कार्यक्रम के तहत कलेक्टरों और कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य सचिव अवनि वैश्य सहित विभिन्न विभागों के आला अफसर भी मौजूद थे। प्रति माह होने वाले परख कार्यक्रम के तहत मुख्य सचिव कलेक्टरों और कमिश्नरों से सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हैं। इस दौरान वे अफसरों से ऑन लाइन चर्चा भी करते हैं।
इसी कार्यक्रम के तहत मुख्य सचिव कलेक्टरों, कमिश्नरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा कर रहे थे इसी बीच मुख्यमंत्री भी पहुंच गए। मुख्यमंत्री इसी दौरान अफसरों को यह निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य सचिव ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम का लाभ दिलाने के लिए देर से लोक सेवाएं देने के लिए दोषी अधिकारियों को दंडित करने और आवेदकों को क्षतिपूर्ति राशि दिलवाने के निर्देश दिए। उन्होंने भिण्ड, अनूपपुर, हरदा और अशोकनगर में निशक्तजन के लिए आरक्षित पदों पर नियुक्ति का कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा.

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