शिवपुरी-चोरों के द्वारा कारित वारदातों को देखकर कहा जा सकता है चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया है लेकिन शासकीय संपत्ति में रखी शासकीय संपत्ति से चोरों को क्या लेनदेन परन्तु शिवपुरी के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में तो कुछ ऐसा ही हुआ है जहां विभाग के ही किसी अधिकारी-कर्मचारी की कारिस्तानी का परिणाम है कि लाखों के पीएचई के पंप सेट और पाईप चोरी हो गए वहीं इस मामले से अधिकारी भी अनभिज्ञता जताते हुए कार्यवाही की बात अवश्य कह रहे है। शिवपुरी में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया गया है कि इस वारदात को अंजाम देने में विभाग के ही भ्रष्ट अधिकारियों की संलिप्तता नजर आ रही है जिन्होंने पीएचई के स्टोर में इस काले कारनामे को अंजाम दिया है। सूत्र बताते हैं कि पीएचई के स्टोर रूप में से सात पंप सेट सिंग्ल फेस और करीब 100 मीटर पाईप सीआई टाईटन का मिलीभगत से गायब कर दिया गया। खबर है कि इन पंप सेट और पाईप को स्टोर से खफाकर विजयपुर में एक निर्माण स्थल पर पैसे से विक्रय कर लगाया गया है। सूत्रों का कहना है कि पिछले सप्ताह स्टोर रूम से इस माल को गायब किया गया। सूत्रों का कहना है कि इस माल की शिवपुरी कार्यालय से फर्जी तौर पर बिलिंग कर भुगतान कर दिया गया। जो सात पंप सेट गायब किए गए हैं उनका मूल्य करीब दो लाख 10 हजार रूपए हैं जबकि जो सौ मीटर सीआई टाईटन पाईप गायब किया गया है उसका मूल्य एक लाख रूपए बताया गया है। तीन लाख रूपए से अधिक के इस घपले को पीएचई के ईई पी.एन गौड़ सहित स्टोर प्रभारी आरबी गर्ग मामले को दबाने में लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस घपले की किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो ईई और स्टोर प्रभारी आंच आना तय है। स्टोर से जो पंप और पाईप गायब किया गया है वह शिवपुरी जिले में ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल संकट से निपटने के लिए लाया गया था। मगर स्टोर से गायब कर इसे पड़ौसी जिले श्योपुर के विजयपुर में एक ठेकेदार को विक्रय कर निर्माण स्थल पर लगा दिया गया है।
मामले को दबाने में लगे विभागीय अधिकारी
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग( पी.एच.ई) के स्टोर रूम की यूं तो विभाग द्वारा सुरक्षा की जाती है लेकिन बीच में कई बार देखा गया है कि सामान गायब होता रहता है जिससे यह स्टोर रूम की देखरेख करने के चलते कई बार यहां विवादों की स्थिति भी बनी। पूर्व में भी यहां से पहले भी कई सामान गायब हो चुका है। अभी हाल ही में तीन लाख रूपए के पंप सेट और पाईप गायब किए जाने से विभागीय अधिकारी मामले में को दबाने में लग गए हैं। सूत्र बताते हैं कि स्टोर में अनियमितता का आलम यह है कि यहां बगैर माल सप्लाई के लोगों को भुगतान हो रहे हैं, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी कमीशन के लालच में इस पूरे खेल को अपने संरक्षण में अंजाम दे रहे हैं। इस ओर अब तो कार्यवाही की सख्त आवश्यकता है क्योकि विभागीय संलिप्तता के कारण इस वारदात को अंजाम देने के बाद कहीं ऐसा ना हो कि आगे और भी ऐसे कई कार्य किए जाए। इसलिए इन्हें रोकना अत्यन्त आवश्यक हो गया है।
चोरी के मामले से ईई ने साधी चुप्पी
पीएचई के स्टोर से लाखों रूपए के पंप सेट और पाईप गायब किए जाने के मामले में जब ई.ई पी.एन गौड़ से संपर्क साधा गया तो उन्होंने कहा कि यह मामला अपने मेरे सामने संज्ञान में लाया है, मैं इस पूरे मामले को दिखवाता हूं। ई.ई पी.एन गौड़ खुलकर कुछ भी नहीं बोल पाए। सूत्र बताते हैं कि ई.ई का अपने अधीनस्थ अमले पर कोई कन्ट्रोल नहीं है इसी कारण यहां भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
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