शिवपुरी में साइबर क्राइम: तहसीलदार को मारने की धमकी

shailendra gupta
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संजीव पुरोहित
शिवपुरी-शिवपुरी में आए दिन बढ़ी रही आपराधिक वारदातों के क्रम में अब साईबर क्राईम आगे बढ़ता नजर आ रहा है। क्योंकि जिले के अनेकों क्षेत्रों में ऐसी घटनाऐं घटित हो रही है जो साईबर क्राईम के ग्राफ को बढ़ा रही है। चाहे मामला शिवपुरी में नाले में मिली लाश को हो अथवा संदिग्ध परिस्थितियों में होने वाली मौतों का यह ऐेसे कारण है जो साईबर क्राईम को बढ़ाने में अपनी भूमिका निभा रहे है। अब इन मामलों में एक ओर बढ़ोत्तरी होने लगी फोन कॉल्स की अर्थात् फोन पर जान से मारने की धमकी देना।


इस तरह की वारदातों का भी ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है पहले रन्नौद में मिली तत्कालीन तहसीलदार को जान से मारने की धमकी ने एक बार फिर से उसी तहसीलदार के करैरा में पदस्थ होने पर पीछा नहीं छोड़ा और अब पुन: तहसीलदार करैरा को किन्हीं अज्ञात नम्बरों से मोबाईल पर जान से मारने की धमकी एक दो मिनिट नहीं बल्कि पूरे 4 घंटे तक यह सिलसिला जारी रहा है। रात गुजरने के बाद बड़ी मुश्किल से तहसीलदार ने हिम्मत जुटाई और करैरा पुलिस को सूचित किया। ऐसा ही मामला पूर्व में एसडीएम पोहरी के साथ भी हुआ है जिन्हें मोबाईल पर जान से मारने की धमकी दी गई। यह मामले साईबर क्राईम की घटनाओं को बढ़ाने के लिए काफी है।

विस्तृत जानकारी के अनुसार बता दें कि जिले के करैरा एवं पोहरी में शासकीय सेवा में सेवारत वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाईल पर जान से मारने की धमकी को लेकर अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के होश फाख्ता हो गए है जो कि इन बढ़ती वारदातों से अपने आप को बचाने की जुगत में लगे हुए है। शासन की सेवाओं में लगा कर्मचारी सुबह अपने कार्य के लिए निकलता है और जब तक सुरक्षित अपने घर नहीं पहुंच जाता तब तक वह कई आशंकाओं में घिर रहता है। क्योंकि इन बढ़ती घटनाओं में कई घटनाऐं ऐसी है जिनमें संदिग्ध मौतें शामिल है। खैर फिलहाल हम बात कर रहे है करैरा तहसीलदार सी.एल.चनाव की जिनका पीछा कुछ अज्ञात फोन नंबर नहीं छोड़ रहे जो कि पूर्व में भी जब रन्नौद में तहसीलदार के रूप में पदस्थ थे तब भी ऐसे ही धमकी भरे हुए फोनों से तहसीलदार महोदय परेशान रहे और ज्यादा परेशानी आई तो पुलिस को थाने को सूचित किया जिस पर आज पूरे तीन माह गुजर जाने के बाद इन अज्ञात फोन नंबरों का भी पता नहीं लगा और यह धमकी भरे फोनों का सिलसिला अब करैरा में पदस्थी के दौरान भी जारी है। वर्तमान में करैरा में तहसीलदार का कार्यभार संभाले तहसीलदार सी.एल.चनाव को बीती 4 जनवरी 2012 की शाम 7:30 बजे से लेकर रात्रि 11:20 बजे तक अनचाहे मोबाईल नंबरों से जान से मारने की धमकी भरे फोन आए। जिससे आहत तहसीलदार श्री चिनाव ने पूरी रात बमुश्किल गुजारी। 
 
सुबह होने पर सीधे पुलिस थाना करैरा पहुंचे और थाना प्रभारी जनवेद सिंह को अपने मोबाईल पर आने वाले अज्ञात फोन नंबरों द्वारा दी जाने वाली जान से मारने की धमकी के बारे में बताया। संबंधित पुलिस थाना कार्यवाही के नाम पर आवेदन लेकर कार्यवाही तो शुरू कर दी परंतु घटना के इतना समय बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग हासिल नहीं हो पाया। जब इस संबंध में जानकारी ली गई तो पता चला कि जांच जारी है। अब देखते है कि आने वाले कितने समय में पुलिस इन अज्ञात फोन नंबरों की कॉल डिटेल पता कर सकेंगे जो तहसीलदार को शासकीय कार्य करने में व्यवधान उत्पन्न कर रहे है। इस घटना से तहसीलदार सी.एल.चनाव में भय व्याप्त है।

एसडीएम भी हो चुके है शिकार 
फोन पर मिली जान से मारने की धमकी के मामले में ऐसा नहीं है कि तहसीलदार करैरा सी.एल.चनाव ही शिकार हुए हो ऐसी ही एक घटना पूर्व में पोहरी एसडीएम अतेन्द्र सिंह गुर्जर के साथ भी घटित हो चुकी है। जिन पर कोई कार्य करने के लिए दबाब बनाया जा रहा था जब एसडीएम श्री गुर्जर ने उस कार्य को नहीं करने की ठान ली तो अज्ञात फोन नंबर से वह कार्य करने के लिए पुन: दबाब बनाया गय। इस पर जब एसडीएम श्री गुर्जर नहीं माने तो आखिरकार उन्हें भी मोबाईल पर कार्य न करने के एवज में जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाई और अज्ञात फोन कॉल्स का पता करके आरोपी को पकड़ भी लिया गया। लेकिन तहसीलदार करैरा श्री चनाव के साथ जो घटना घटित हो रही है उसमें पुलिस की अनदेखी समझ से परे है जबकि वर्तमान में शिवपुरी में साईबर क्राईम रोकने के लिए सेल भी गठित है फिर क्यों उस अंजान नंबर को ट्रेस नहीं किया जा रहा जिससे लगातार जान से मारने की धमकियां तहसीलदार श्री चनाव को मिल रही है। पुलिस के लिए यह मामला बड़ा पेचीदा साबित हो रहा है तभी तो दो बार फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस अब तक कोई कार्यवाही नहीं कर पाई अगर यही हाल रहा तो पुलिस पर से विश्वास उठना तय है और जो पुलिसिया कार्यवाही चल रही है महज ढकोसला है।
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