पोहरी तहसील मुख्यालय पर नहीं पहुंची विकास की किरण

shailendra gupta
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संतोष शर्मा 
पोहरी. अपने आप को किसान पुत्र कहने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राज में पोहरी अनुविभाग के सबसे नजदीकी गांव खोड़ में आज तक शासकीय भवन के नाम पर कोई निर्माण नहीं हुआ है और यहां इंसान की जरूरत की मूलभूत सुविधाओं का तो जैसे आकाल पड़ा हुआ है समूचे गांव में एक भी हेण्डपम्प वतैमान में चालू नहीं है और नाही कोई अन्य जल स्त्रोत है जबकि समूचे गांव के 57 घरों में लगभग 340 ग्रामवासी निवास करते है।

यहां सरकार हालत यह है कि ग्रामवासियों मूलभूत सुविधाओं की ओर भी किसी का ध्यान नहीं जाता है जैसे कि गाम वालों की पानी की समस्या के लिये केवल एक शासकीय कुआ है जो कई वर्षों से सफाई और देश्यारेख के अभाव में दुर्दशा का शिकार हो रहा है इसके अलावा पूर्व में लगाये गये छ: हेण्डपम्पों में से वर्तमान में एक भी हेण्डपम्प चालू नहीं है कहने को तो यहां से पोहरी अनुविभागीय एवं तहसील कार्यालय की दूरी महज पाँच सौ मीटर से अधिक नहीं है इसके बाद भी विकास की कोई किरण आज दिनांक तक इस गांव तक नहीं पहुंच सकी है।
स्कूल न होने  से शिक्षा से मोहताज बच्चे 
ग्राम खोड़ के पाँच वर्ष की आयु तक के 42 बच्चे गांव से स्कूल की दूरी अधिक होने के कारण शिक्षा से मेहरूम हैं। यहां से ग्वालीपुरा पंचायत में बनी प्राथमिक शाला की की दूरी लगभग दो किलामीटर एवं ग्राम पंचायत पोहरी के प्राथमिक शाला भववन की दूरी करीब सत्रह सौ मीटर से अधिक है जबकि प्राथमिक शाला में पढऩे वाले बच्चों की आयु पाँच वर्ष से कम होती है जो कि रोज-रोज इतने दूर नहीं जा सकते। इसके अलावा शासन के नियमानुसार गांव से प्राथमिक शाला की दूरी यदि एक किलोमीटर से अधिक है तो गांव में विद्यालय खोला जा सकता है। इस ओर ना ही किसी सरकार के नुमाइंदे ने ध्यान दिया और ना ही किसी जनप्रतिनिधि द्वारा अभी तक कोई प्रयास किये गये हैं जबकि गा्रमीणों का कहना है कि यदि हमारे गांव में स्कूल होता तो हमारे बच्चे को कम से कम प्राथमिक शिक्षा से तो वंचित नहीं रहते।
भवन विहीन मिनी आंगनबाडी  
गांव में संचालित मिनी आंगनबाडी भवन भी भगवान भरोसा चल रहा है यहां एक कार्यकर्ता एवं आशा कार्यरत है परंतु भवन ना होने से उन्हे आंगनबाड़ी संचालित करने के लिये आसमान का ही सहारा है क्योंकि इस गांव में कोई भी किराये से भवन नहीं देता है ग्रामीणों ने इसकी बजह शासन से समय पर पैसों का भुगतान ना होना बताया है।
तहसील एवं अनुविभागीय कार्यालय से महज 500 मीटर दूरी 
ग्वालीपुरा ग्राम पंचायत के गा्रम खोड़ की भौगौलिक स्थिति की बात की जाये तो यह गांव और पोहरी अनुविभागीय एवं तहसील कार्यालय के बीच की दूरी महज पाँच सौ मीटर से अधिक नहीं है इसके बाबजूद यहां के ग्रामवासी अपने ननिहालों को शिक्षा दिलाने से महरूम किये हुये हैं जो कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

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