शिवपुरी 1 दिसम्बर का. केन्द्र सरकार द्वारा 51 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की स्वीकृति से खुदरा मूल्य पर काफी प्रभाव पड़ेगा इस संंबंध में एक दिवसीय भारत बंद का आह्वान किया गया था। देश के विभिन्न प्रदेशों और जिलों में इस बंद का असर देखने को मिला। लेकिन शिवपुरी में इस बंद का आशिंक असर नजर आया जहां अधिकांशत: प्रतिष्ठान खुले रहे तो वहीं दूसरी ओर बाजार में भी चहल-पहल रही।
खुदरा मूल्य पर होने वाले प्रभाव के चलते एफडीआई का विरोध गत दिवस भाजपा निवेशक प्रकोष्ठ ने भी किया था इस संबंध में धरना प्रदर्शन के माध्यम से निवेशक प्रकोष्ठ ने बैनर व पोस्टर लगाकर इसके तथ्य व नुकसान से अवगत कराया था। चूंकि बंद के माध्यम से इसका विरोध होना था लेकिन शिवपुरी में यह देखने को नहीं मिला वहीं भाजपाई भी आज कहीं से कहीं तक इस विरोध का प्रदर्शन करते नजर नहीं आए। एफडीआई के भारत में प्रवेश से अधिकतर गरीबी और आर्थिक व्यवस्थाऐं गढ़बढ़ाने की आंशका है यही कारण है कि संसद भी में इसका विरोध है और हो-हंगामा के चलते सदन भी ठीक से नहीं चल पा रहा है।
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