शिवपुरी, कैंसर की बीमारी ने तोड दिया रिश्ता,पति ने मरने के लिए छोडा, पढिए मामला

Lalit Mudgal
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शिवपुरी। कोलारस तहसील क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने कलेक्टर  कार्यालय पहुंचकर अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि जब वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने लगी तो पति का व्यवहार बदल गया और करीब एक साल पहले उसे कथित तौर पर घर से निकाल दिया गया। महिला का आरोप है कि उसे केवल पहने हुए कपड़ों में घर से निकाला गया और उसके पूर्व पति के समय के जेवर भी उससे ले लिए गए।

कैंसर से जूझ रही चंदनिया यादव ने कार्रवाई की मांग की है। महिला का कहना है कि मायके में उसके माता-पिता खुद वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में न तो वे उसका समुचित इलाज करा पा रहे हैं और न ही उसका भरण-पोषण कर पा रहे हैं।

करीब 35 साल पहले हुई थी पहली शादी
आवेदन के मुताबिक चंदनिया मूल रूप से ग्राम गुढ़ा, तहसील कोलारस की रहने वाली है। करीब 35 वर्ष पहले उसकी शादी ग्राम सोनपुरा निवासी मुंशी पुत्र मजबूत सिंह के साथ हुई थी। विवाह के बाद उसके दो बेटे अमर सिंह और पर्वत सिंह हुए। महिला के अनुसार शादी के करीब सात-आठ साल बाद बीमारी के चलते उसके पति मुंशी का निधन हो गया। पति की मौत के बाद चंदनिया के सामने अपने बच्चों और जीवन को संभालने की चुनौती खड़ी हो गई।

दूसरे विवाह के लिए दो बेटों से होना पड़ा अलग
पति की मृत्यु के बाद चंदनिया का संपर्क पहाड़ा क्षेत्र निवासी चिरौजी पुत्र धीरा यादव से हुआ। महिला के अनुसार चिरौजी ने उसे बताया था कि उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है और उसकी एक बेटी है। उसे भी अपनी बेटी की देखभाल के लिए एक महिला के सहारे की आवश्यकता है।

हालांकि, चिरौजी ने कथित तौर पर चंदनिया के दोनों बेटों को अपने साथ रखने से इनकार कर दिया। महिला का कहना है कि उस समय उसने अपने दोनों बेटों को मुंशी के परिवार के पास छोड़ दिया और करीब 25 साल पहले सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार चिरौजी के साथ विवाह कर लिया। इसके बाद वह चिरौजी के साथ पत्नी के रूप में रहने लगी और दोनों ने करीब ढाई दशक तक साथ जीवन बिताया।

 बीमारी आई तो बदल गया पति का व्यवहार
महिला के आवेदन के मुताबिक पिछले दो-तीन वर्षों से उसकी तबीयत खराब रहने लगी। लगातार बीमारी के बाद जब उसने चिकित्सकीय जांच कराई तो उसे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने की जानकारी मिली। इसके बाद उसका इलाज शुरू हुआ, लेकिन महिला का आरोप है कि उसके पति ने उसके इलाज की जिम्मेदारी नहीं उठाई।

चंदनिया का कहना है कि बीमारी बढ़ने के साथ ही पति का व्यवहार उसके प्रति बदलता चला गया। जिस व्यक्ति के साथ उसने करीब 25 वर्ष तक दांपत्य जीवन बिताया, उसी से उसे इस कठिन समय में सहारे और इलाज की उम्मीद थी। लेकिन महिला का आरोप है कि उसे इलाज और आर्थिक मदद देने के बजाय करीब एक वर्ष पहले घर से बाहर कर दिया गया।

पहनकर आए कपड़ों में ही घर से निकाल दिया
महिला ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि जब उसकी तबीयत ज्यादा खराब हुई तो उसके पति ने उसे कथित तौर पर घर से निकाल दिया। उसका कहना है कि वह केवल पहने हुए कपड़ों में ही घर से बाहर आने को मजबूर हुई। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पहले पति के समय के जेवर उसके पास थे, जिन्हें भी चिरौजी ने अपने पास रख लिया। इसके बाद चंदनिया अपने मायके ग्राम गुढ़ा, तहसील कोलारस आकर रहने लगी।

वृद्ध माता-पिता के सामने भी खड़ा हुआ संकट
मायके पहुंची महिला के सामने अब इलाज और रोजमर्रा के खर्च की बड़ी समस्या है। आवेदन में उसने बताया कि उसके माता-पिता वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। वे स्वयं सीमित संसाधनों में जीवन गुजार रहे हैं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं हैं। महिला का कहना है कि पति द्वारा न तो उसकी बीमारी की खबर ली जा रही है, न इलाज कराया जा रहा है और न ही उसके भरण-पोषण के लिए कोई आर्थिक सहायता दी जा रही है। ऐसे में चंदनिया के लिए बीमारी से लड़ाई के साथ-साथ आर्थिक और पारिवारिक संकट भी खड़ा हो गया है।

बीमारी से बड़ी हो गई अकेलेपन की चिंता
चंदनिया की फरियाद सिर्फ आर्थिक सहायता की मांग नहीं है। उसके आवेदन से यह दर्द भी झलकता है कि जीवन के करीब 25 साल जिस व्यक्ति के साथ बिताए, बीमारी के सबसे कठिन दौर में वही व्यक्ति उसके साथ नहीं है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही महिला अब अपने वृद्ध माता-पिता के सहारे है। इलाज का खर्च, दवाइयां और रोजमर्रा की जरूरतें उसके लिए लगातार चुनौती बन रही हैं।

डीएम से लगाई न्याय और सहारे की गुहार
चंदनिया यादव ने कलेक्टर शिवपुरी को दिए गए  आवेदन देकर पूरे मामले में सुनवाई की मांग की है। उसने अपने पति चिरौजी यादव के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और बीमारी की स्थिति में उसे आवश्यक सहायता दिलाने की गुहार लगाई है।

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