कोलारस। राम मंदिर के पास बाहरी परिसर में बना करीब 200 साल पुराना कुआं सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात अचानक भरभराकर धंस गया। रात करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई इस घटना में कुएं के भीतर बनी पत्थरों की पुरानी दीवार भी ढह गई और पूरा मलबा कुएं में समा गया। गनीमत रही कि घटना रात के समय हुई, जब आसपास लोगों की आवाजाही नहीं थी। ऐसे में बड़ा हादसा टल गया।
सुबह जब स्थानीय लोगों को कुएं के धंसने की जानकारी मिली तो मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुएं की पुरानी पत्थर की संरचना को इस तरह धंसा देखकर लोग हैरान रह गए। लंबे समय से राम मंदिर के बाहरी परिसर में मौजूद यह कुआं स्थानीय लोगों के लिए पुरानी विरासत का हिस्सा माना जाता था।
अचानक जमीन में समा गई पुरानी संरचना
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात में अचानक कुएं का हिस्सा धंस गया। देखते ही देखते कुएं के अंदर लगी पत्थरों की दीवार भी भरभराकर गिर गई। सुबह तक मौके पर कुएं की पुरानी संरचना मलबे में तब्दील नजर आई।
दिन में होता हादसा तो बढ़ सकता था खतरा
सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि घटना उस समय हुई जब कुएं के आसपास कोई मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय मंदिर परिसर में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में यदि कुआं दिन में धंसता तो किसी के इसकी चपेट में आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
करीब दो सदियों पुरानी संरचना के अचानक धंसने की घटना ने पुराने कुओं और ऐतिहासिक संरचनाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे पुराने कुओं की समय-समय पर जांच और सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, ताकि किसी संभावित हादसे को पहले ही रोका जा सके।

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