बामौरकला पिछोर। शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग के बमौरकला थाना सीमा मे एक कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया। घटना के समय पति पत्नि मकान के अंदर सो रहे और मलबे मे दब गए। इस हादसे मे महिला की मौत हो गई वही पति गंभीर रूप से घायल है उसे इलाज के लिए अस्पताल मे भर्ती कराया गया है।
आधी रात अचानक भरभराकर गिरा मकान
पुलिस को दिए बयान के अनुसार, रमेश वंशकार पुत्र मोहनजू वंशकार ने बताया कि 7 और 8 सितंबर की दरम्यानी रात करीब 12 बजे वह अपने बच्चों के साथ घर में सो रहा था। उसके पास ही बने कच्चे मकान में उसका भाई खिलन वंशकार (48) अपनी पत्नी सियाबाई (45) के साथ सो रहा था। रात करीब 12 बजे अचानक कच्चा मकान भरभराकर नीचे आ गिरा। मकान गिरते ही तेज आवाज हुई और अंदर से चीख-पुकार सुनाई देने लगी। आवाज सुनकर परिवार के लोग बाहर निकले तो सामने मलबे में दंपती दबे हुए थे।
ग्रामीणों ने मलबा हटाकर दोनों को निकाला
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया। लकड़ियों और मकान के मलबे को हटाकर दोनों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। काफी मशक्कत के बाद खिलन और सियाबाई को बाहर निकाला गया। हादसे में खिलन के दाहिने हाथ और पैर में चोट आई थी, जबकि सियाबाई की हालत बेहद गंभीर थी। वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही थीं। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए बामौरकलां अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद सियाबाई को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल पहुंचते ही थम गईं सांसें
परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल पहुंचने के बाद सियाबाई की जान बचाई जा सकेगी, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना बाद में परिजनों ने थाना बामौरकलां पहुंचकर पुलिस को दी। पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद मामले में मर्ग क्रमांक 20/2026 कायम किया है। पुलिस के अनुसार मर्ग की कार्रवाई धारा 194 बीएनएसएस के तहत की गई है।महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
आधी रात हुए इस हादसे ने एक परिवार से उसकी महिला सदस्य को छीन लिया। पति घायल है और परिवार के सामने अचानक आई इस त्रासदी से पूरा गांव गमगीन है। हादसे के बाद गांव में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। बारिश के मौसम में ऐसे मकानों की स्थिति और कमजोर होने की आशंका रहती है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
%20(14).webp)
प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।