शिवपुरी। शिव की पुरी शिवपुरी मे अब आने वाले 10 दिन शिव पुत्र श्रीगणेश की धूम रहेगी। शिवपुरी का महाउत्सव आज से शुरू हो चुका है,आज बप्पा शिवपरी के लगभग 100 बडे मंचो पर अपना स्थान ग्रहण करेगें। बप्पा की आगवानी के लिए शिवपुरी तैयार है और सबसे अधिक उत्साह श्रीजी को अपने घर लाने का उत्साह बच्चो मे देखा गया। विघ्नहर्ता आएंगे, ढोल बजेगा और ताशे बजेगें और आज से पूरे 10 दिन तक शिवपुरी मे गणेशउत्सव की धूम रहेगी।
शिवपुरी का गणेश उत्सव अपनी भव्यता और उत्साह के लिए पूर मप्र मे अपनी पहचान रखता है। इस बार भी शहर के अलग-अलग हिस्सों में गणेश पंडाल सजने लगे हैं। युवाओं में आयोजन को लेकर खासा उत्साह है, लेकिन बच्चों का उत्साह भी किसी से कम नहीं है। बाजार में गणेश प्रतिमा लेने पहुंचे परिवारों के साथ बच्चे भी पहुंचे और अपनी पसंद के गणेश जी चुनकर उन्हें घर ले गए।
फिजीकल पर बडे साइज के श्रीगणेश,दिन भरी भीड
शिवपुरी शहर के फिजीकल क्षेत्र मे बडे साईज के गणेश प्रतिमओ का निर्माण होता है। शहर की समिति और मंदिर पर विराजमान गणेश प्रतिमाए बडे आकार की होती है। आम जन के साथ साथ गणेश उत्सव मनाने वाली समितियो के सदस्य फिजीकल पर अपने बप्पा को लेने पहुंचे। ढोल और नागाडो की धूम पर युवा नाचते हुए अपने बप्पा को साथ ले जाते दिखे।
बप्पा की पसंद में बच्चों की भी चली
गणेश प्रतिमा खरीदने बाजार पहुंचे परिवारों के साथ बच्चों की टोली भी नजर आई। कोई बाल गणेश की प्रतिमा देखकर रुक गया तो किसी को महाराष्ट्र स्टाइल की पगड़ी वाले गणपति पसंद आए। बच्चों के लिए गणेश जी केवल प्रतिमा नहीं, बल्कि उनके अपने माई फ्रेंड गणेशा हैं। माता-पिता प्रतिमा की कीमत और आकार देख रहे थे तो बच्चे अपनी पसंद के बप्पा चुनने में जुटे थे। कई बच्चे तो प्रतिमा को देखकर ही तय कर रहे थे कि इस बार उनके घर कौन से गणपति विराजेंगे।
बाजार में 50 रुपये से 50 हजार तक के गणेश
गणेश चतुर्थी से पहले ही फिजिकल रोड पर गणेश प्रतिमाओं का बाजार सज गया था। मूर्तिकारों के यहां अलग-अलग आकार और डिजाइन की प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। इस बार करीब 6 इंच से लेकर 6 फीट तक की प्रतिमाओं की मांग है। मूर्तिकारों के अनुसार 50 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक की गणेश प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। महाराष्ट्र स्टाइल की पगड़ी वाली प्रतिमा, बाल गणेश और ढोल-ताशे वाली प्रतिमाओं की विशेष मांग बताई जा रही है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से भी प्रतिमाओं के ऑर्डर पहुंचे हैं और गणेश चतुर्थी के आसपास बिक्री में तेजी आई है।
मिट्टी के इको-फ्रेंडली गणेश की मांग भी बढ़ी
इस बार गणेश प्रतिमाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता का रंग भी नजर आ रहा है। मिट्टी से बनी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं की मांग बढ़ी है। श्रद्धालु ऐसी प्रतिमाओं को पसंद कर रहे हैं, जिन्हें विसर्जन के बाद पर्यावरण पर कम असर पड़े।
न्यू ब्लॉक में 12 दिन चलेगा भव्य महोत्सव
शहर के न्यू ब्लॉक स्थित हंस बिल्डिंग के समीप श्री गणेश सांस्कृतिक समिति इस बार 12 दिवसीय महोत्सव आयोजित कर रही है। समिति द्वारा 14 सितंबर को गणेश स्थापना के साथ आयोजन का शुभारंभ किया जाएगा। समिति अध्यक्ष तेजमल सांखला के निवास पर हुई बैठक में आयोजन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। महासचिव महेन्द्र रावत और सचिव सौरभ सांखला ने बताया कि इस बार आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने की तैयारी है।
अचल झांकी और पंडाल सजावट प्रतियोगिता
16 से 23 सितंबर तक अचल झांकी एवं पंडाल सजावट प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही मंचीय स्पर्धाओं में जूनियर और सीनियर सोलो डांस, ग्रुप डांस तथा राष्ट्रीय योग प्रदर्शन जैसी प्रतियोगिताएं भी होंगी। इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए 1 लाख 21 हजार रुपये तक के नगद पुरस्कार रखे गए हैं। आयोजन समिति के अनुसार शहरवासियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
25 सितंबर को निकलेगी भव्य चल झांकी
गणेश उत्सव का प्रमुख आकर्षण 25 सितंबर को होने वाली भव्य चल झांकी प्रतियोगिता होगी। इसमें सुंदर विमान, सुंदर मूर्ति, बैंड और ढोल की स्पर्धाएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके लिए समितियां और युवा पहले से तैयारियों में जुटे हैं। आयोजन समिति के पदाधिकारियों के साथ तरुण अग्रवाल, वीरेंद्र जैन, श्याम सुंदर रातीर, गोपाल गोड, राजीव शर्मा सहित कार्यकारिणी के सदस्य तैयारियों में जुटे हैं। मीडिया प्रभारी ब्रज दुबे, वरुण भार्गव और राजू यादव ग्वाल ने बताया कि आयोजन में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
दस दिन बप्पा के नाम
गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ यह उत्सव अगले दस दिनों तक शिवपुरी की गलियों, मोहल्लों और घरों में भक्ति और उत्साह का रंग घोलेगा। कहीं आरती होगी, कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे तो कहीं बच्चों की टोलियां बप्पा के आगे तालियां बजाती नजर आएंगी। शहर में आज से गणेश उत्सव की जो रौनक शुरू हुई है, वह आने वाले दिनों में और बढ़ेगी। बड़े अपनी आस्था लेकर बप्पा को घर ला रहे हैं और छोटे बालगोपाल अपनी पसंद का माई फ्रेंड गणेशा चुनकर—शिवपुरी में गणपति उत्सव का यही सबसे प्यारा रंग नजर आ रहा है।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।