शिवपुरी। शिवपुरी सिटी कोतवाली सीमा मे स्थित नोहरी में रेलवे ब्रिज के पास, एक पेट्रोल पंप के ठीक सामने 27 वर्षीय एक युवक की लाश दीवार के सहारे टिकी हुई मिली थी। युवक के हाथ मे एक सीरिंज धसी हुई थी। इसी कारण माना जा रहा है कि युवक की मौत स्मैक के नशे के आवरडोज के कारण हुई है।
गांधी पार्क निवासी 27 वर्षीय अमन बाल्मीक (पुत्र बलराम बाल्मीक) वह भोपाल के एक क्लब में काम करता था और अपने करियर को लेकर सक्रिय था। उसका शिवपुरी आना-जाना लगा रहता था। इन दिनों भोपाल में क्लब के इनॉग्रेशन (उद्घाटन) का काम चल रहा था, जिसकी वजह से उसे छुट्टियां मिली हुई थीं और वह पिछले करीब एक महीने से अपने घर शिवपुरी में ही रुका हुआ था। किसे पता था कि यह एक महीने की छुट्टी उसकी जिंदगी की आखिरी छुट्टी बन जाएगी।
दोस्तों पर गंभीर आरोप: 'वो साथ ले गए, फिर मुकर गए
अमन की मौत के बाद उसके परिजनों ने जो खुलासे किए हैं, वह इस मामले को और भी उलझा देते हैं। परिजनों का सीधा आरोप अमन के दो दोस्तों- हरेन्द्र और आकाश पर है। परिवार के मुताबिक, ये दोनों ही अमन को स्मैक का नशा कराते थे और उसे इस दलदल में धकेलने वाले वही हैं।
शुक्रवार की रात करीब 8 बजे अमन अपने घर से निकला था। परिजनों का दावा है कि वह रात में अपने इन्हीं दोनों दोस्तों (हरेन्द्र और आकाश) के साथ गया था। लेकिन शनिवार सुबह जब पुलिस से अमन की मौत की मनहूस खबर मिली और परिजनों ने हरेन्द्र और आकाश से पूछताछ की, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था। दोनों दोस्तों ने साफ मुकरते हुए कहा कि वे तो अमन से पिछले आठ दिनों से मिले ही नहीं हैं।
कठमई कनेक्शन और अनसुलझे सवाल
दोस्तों के इस बयान ने परिजनों के शक को और गहरा कर दिया है। परिवार वालों को आशंका है कि शुक्रवार रात तीनों (अमन, हरेन्द्र और आकाश) ने एक साथ कहीं बैठकर नशा किया। जब स्मैक के ओवरडोज के कारण अमन की हालत बिगड़ने लगी, तो उसके दोस्त उसे नोहरी में दीवार के सहारे छोड़कर वहां से भाग निकले।
परिजनों ने पुलिस का ध्यान शहर के 'कठमई इलाके' की ओर भी खींचा है। उनका कहना है कि कठमई में स्मैक जैसा घातक नशा बड़ी आसानी से मिल जाता है। यह पूरी संभावना है कि तीनों ने कठमई से ही स्मैक खरीदी हो और फिर रेलवे ब्रिज व पेट्रोल पंप के सुनसान इलाके में जाकर नशा किया हो, जो अमन के लिए जानलेवा साबित हुआ।

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