शिवपुरी, महिला की मौत, पुलिस ने रूकवाया अंतिम संस्कार, लाश को किया जब्त,पएिए क्यो

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शिवपुरी। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र की एक महिला ने सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के चार दिन बाद ग्वालियर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिजन शव को बिना पोस्टमार्टम कराए सीधे गांव ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू कर दीं। लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस को इसकी सूचना मिल गई। पुलिस तत्काल गांव पहुंची और कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।

बहन के गांव जा रहे थे, रास्ते में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार अमोला थाना क्षेत्र के सलैया गांव निवासी भावना चिड़ार (30) पत्नी राजेंद्र चिड़ार 15 जुलाई को अपने पति के साथ बाइक से बहन के गांव सेसई जा रही थीं। जब वे देहात थाना क्षेत्र के ककरवाया फोरलेन हाईवे से गुजर रहे थे, तभी पीछे से आए एक मिनी आयशर वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि भावना गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर ही बेहोश हो गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर ग्वालियर रेफर कर दिया गया।

चार दिन तक कोमा में रहीं, फिर हार गई जिंदगी की जंग
ग्वालियर के अस्पताल में डॉक्टरों ने भावना को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सिर में गंभीर चोट लगने के कारण वह कोमा में चली गई थीं। चार दिन तक मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष करने के बाद शनिवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजन शव लेकर गांव पहुंचे और रविवार को अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी।

चिता सजने से पहले पहुंची पुलिस
इसी बीच देहात थाना पुलिस को सूचना मिली कि सड़क दुर्घटना में मृत महिला का अंतिम संस्कार बिना पोस्टमार्टम कराए किया जा रहा है। सूचना मिलते ही अमोला थाना पुलिस तत्काल सलैया गांव पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाया कि चूंकि सड़क दुर्घटना का मामला पहले से दर्ज है, इसलिए कानूनी रूप से पोस्टमार्टम कराना अनिवार्य है। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रोक दी गई और शव को जिला अस्पताल शिवपुरी भेजा गया।

पोस्टमार्टम के बाद शुरू हुई वैधानिक कार्रवाई
जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। अब दुर्घटना में हुई मौत के आधार पर पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत होने पर पोस्टमार्टम कराना आवश्यक होता है। इससे मौत का कारण स्पष्ट होता है और न्यायालयीन प्रक्रिया में साक्ष्य के रूप में मेडिकल रिपोर्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी पड़ सकती थी भारी
यदि समय रहते पुलिस को सूचना नहीं मिलती और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार हो जाता, तो दुर्घटना से जुड़ी जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई प्रभावित हो सकती थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई, बल्कि मामले की जांच भी नियमानुसार आगे बढ़ सकी।

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