शिवपुरी। न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ने वाली एक महिला अधिवक्ता खुद न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाने को मजबूर हैं। शिवपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक महिला अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि वर्षों से उनका पीछा किया जा रहा है, छेड़छाड़ की गई, मोबाइल हैक कर अश्लील कॉल और संदेश भेजे गए, और मामला न्यायालय पहुंचने के बाद भी उनका उत्पीड़न नहीं थमा। अब उन्होंने पुलिस अधीक्षक (SP) से साइबर जांच और सुरक्षा की मांग की है।
महिला अधिवक्ता का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने और न्यायालय में चालान पेश होने के बावजूद फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर उन्हें अश्लील संदेश भेजे जा रहे हैं और समझौता नहीं करने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
तीन साल तक FIR के लिए करना पड़ा संघर्ष
पीड़िता का आरोप है कि मार्च 2022 में हुई घटनाओं के बाद भी उन्हें मामला दर्ज कराने के लिए करीब तीन वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा। उनका कहना है कि वकील होने के बावजूद उन्हें एफआईआर दर्ज कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और लंबे प्रयासों के बाद ही पुलिस ने मामला दर्ज किया।
मार्च 2022 से शुरू हुआ उत्पीड़न का सिलसिला
महिला अधिवक्ता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आदित्य राठौर, निवासी हाथीखाना, नवाब साहब रोड, मार्च 2022 से लगातार उनका उत्पीड़न कर रहा है।
शिकायत के अनुसार, मार्च 2022 में कोर्ट जाते समय लाल कॉलेज के पास आरोपी ने उनका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ की। विरोध करने पर कथित रूप से थप्पड़ मारा और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी के कुछ साथियों द्वारा भी लगातार पीछा किए जाने का आरोप लगाया गया है।
ज्वलनशील पदार्थ फेंकने के प्रयास का भी आरोप
महिला अधिवक्ता का कहना है कि 7 फरवरी 2024 को कोर्ट रोड पर उनके खिलाफ अश्लील टिप्पणियां की गईं। वहीं 8 फरवरी 2024 को अस्पताल चौराहे पर स्कूटी में कट मारकर उन्हें गिराने और कथित रूप से ज्वलनशील पदार्थ फेंकने का प्रयास किया गया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया था। यह प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
समझौते का दबाव, नहीं मानी तो हत्या की धमकी
पीड़िता का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बाद भी उन पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने समझौते से इनकार किया, तो उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं।
फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से भेजे गए अश्लील संदेश
महिला अधिवक्ता का कहना है कि 9 अक्टूबर 2025 को Mohit Kirar 94 नाम की एक कथित फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से उन्हें अश्लील इमोजी और आपत्तिजनक संदेश भेजे गए। इसके तुरंत बाद संबंधित आईडी उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। 11 जुलाई 2026 को एसपी कार्यालय में दिए गए आवेदन में उन्होंने आशंका जताई कि यह फर्जी आईडी मुख्य आरोपी या उसके सहयोगियों द्वारा संचालित हो सकती है। उनका दावा है कि पूर्व में भी कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से उन्हें परेशान किया जाता रहा है।
SP से साइबर जांच और सुरक्षा की मांग
महिला अधिवक्ता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की गहन साइबर जांच कराई जाए। उन्होंने आग्रह किया है कि संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट की लॉगिन हिस्ट्री, आईपी एड्रेस, डिवाइस डिटेल, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल की जानकारी मेटा (इंस्टाग्राम) से प्राप्त की जाए। इसके अलावा उन्होंने अपने द्वारा उपलब्ध कराए गए स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाने तथा लगातार ऑनलाइन उत्पीड़न और धमकियों को देखते हुए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।