शिवपुरी। धर्मनगरी शिवपुरी का हृदय स्थल 'माधव चौक' मंगलवार को सांप्रदायिक तनाव और खींचतान का अखाड़ा बन गया। यहाँ लगे केसरिया झंडे को प्रशासन द्वारा क्रेन की मदद से उतारे जाने के बाद शहर का पारा चढ़ गया है। हिंदू संगठनों ने इसे अपनी आस्था का अपमान बताते हुए प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे में मान-सम्मान के साथ ध्वज पुनः नहीं लगा, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
नीले और 'केसरिया' के बीच उलझा विवाद
विवाद की जड़ें अंबेडकर जयंती से जुड़ी हैं। बताया जा रहा है कि माधव चौक पर वर्षों से केसरिया ध्वज फहरा रहा था। अंबेडकर जयंती के अवसर पर इसे हटाकर नीला झंडा लगाया गया, जिस पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई। बाद में पुनः केसरिया ध्वज लगा दिया गया। लेकिन मंगलवार दोपहर को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और दबाव के बाद नगर पालिका की क्रेन ने बीच चौराहे से भगवा ध्वज को उतार दिया। इस घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पूरे शहर में हिंदूवादी संगठनों का आक्रोश फूट पड़ा।
भारत में नहीं तो क्या पाकिस्तान में फहराएंगे
घटना की सूचना मिलते ही देर शाम करणी सेना और सकल हिंदू समाज के सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में भगवा ध्वज लेकर माधव चौक पहुंच गए।
अतुल प्रताप सिंह (राष्ट्रीय महासचिव, करणी सेना) ने कड़े शब्दों में प्रशासन को घेरते हुए सवाल किया है कि केसरिया झंडा हमारे धर्म की पहचान है। अगर इस हिंदुस्तान की धरती पर भगवा नहीं फहराया जाएगा, तो क्या पाकिस्तान में फहराया जाएगा? वही आज शाम माधव चौक चौराहे पर वंदे मातरम होगा और महाआरती का आयोजन किया जाऐगा। हिंदू संगठना ने दो टूक शब्दों मे प्रशासन को अपनी प्रतिक्रिया दी है। बीते रोज कोतवाली में एक आवेदन भी दिया गया है जिसमें केसरिया झंडे को उतारवाने वाले पर कार्यवाही की जाए और और घंटे में केसरिया ध्वज को सम्मान पूर्वक वापस स्थापित करे।
आज का शंखनाद
बुधवार शाम को बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगठन के सदस्य माधव चौक पर एकत्रित होंगे। यहाँ सामूहिक आरती की जाएगी और वंदे मातरम का उद्घोष किया जाएगा।
प्रशासन की बढ़ी धड़कनें
एक ओर जहाँ हिंदू संगठनों ने आज शाम को लेकर मोर्चा खोल दिया है, वहीं प्रशासन और पुलिस बल की चिंताएं बढ़ गई हैं। माधव चौक पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर नजर रखी जा रही है। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
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