शिवपुरी। शिवपुरी जिले की बदरवास तहसील में बहने वाली सिंध नदी इन दिनों रेत माफियाओं के निशाने पर है। माफियाओं ने नदी का सीना चीरकर रेत निकालने के लिए एक बेहद खतरनाक योजना बनाई थी, जिसे जिला प्रशासन ने समय रहते विफल कर दिया।
यह थी माफिया की साजिश
सिंध नदी के सड़ घाट पर बने स्टॉप डेम में पानी का स्तर अधिक होने के कारण माफियाओं को रेत निकालने में परेशानी हो रही थी। सूत्रों के अनुसार, रेत माफियाओं ने गुप्त तरीके से स्टॉप डेम के चारों गेट खोल दिए थे। उनकी मंशा थी कि नदी का पानी बह जाए और जल स्तर कम होते ही वे मशीनों के जरिए अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर सकें।
खबर मिलते ही एक्शन मोड में प्रशासन
जैसे ही स्टॉप डेम के गेट खोले जाने की भनक प्रशासन को लगी, हड़कंप मच गया। बदरवास तहसीलदार सचिन भार्गव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष टीम गठित की। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर कार्य करते हुए स्टॉप डेम के चारों गेटों को दोबारा स्थापित करवाया।
माफिया के मंसूबों पर फिरा पानी
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल नदी का पानी बहने से रुक गया, बल्कि रेत माफियाओं द्वारा अवैध रास्ते बनाने की कोशिश भी धरी की धरी रह गई। गेट दोबारा लग जाने से अब डेम में जलभराव फिर से शुरू हो गया है, जिससे खनन माफिया की मशीनें नदी तक नहीं पहुंच पाएंगी।
तहसीलदार का सख्त रुख
तहसीलदार सचिन भार्गव ने स्पष्ट किया कि इस मामले की जांच की जा रही है कि आखिर ये गेट किसने और किसके इशारे पर खोले थे। उन्होंने चेतावनी दी है कि नदी और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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