शिवपुरी। करैरा प्रशासन ने अमोला थाना सीमा मे चल रही है एक अवैध गुटका फैक्टी् और गौदाम पर छापामार कार्यवाही की है। इस फैक्ट्री मे गुटका बनाकर कई ब्रांडेड कंपनियो रैफर मे पैक किया जा रहा था। इस फैक्ट्री मे प्रशासन को भारी मात्रा में मशीनें, कच्चा माल और वाहन जब्त किए गए हैं।
करैरा एसडीएम अनुराग निगवाल और एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध और नकली गुटखा निर्माण का काम चल रहा है। इस पर राजस्व, पुलिस और फूड एंड सेफ्टी विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने सबसे पहले टीला रोड स्थित कपूरी बाबा मंदिर के पास स्थित प्रोसेसिंग यूनिट पर धावा बोला। अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां हड़कंप मच गया और काम कर रहे मजदूर भागने लगे। हालांकि, प्रशासन ने घेराबंदी कर करीब 15 मजदूरों को पकड़ लिया।
माल का निर्माण की पैकिंग 12 किलोमीटर दूर
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अवैध कारोबार दो चरणों में संचालित हो रहा था। कपूरी बाबा मंदिर के पास ग्राइंडिंग, मिक्सिंग और गंध मिलाने का काम किया जाता था, जिसके लिए भारी मशीनें लगाई गई थीं। यहाँ से तैयार माल को करीब 12 किलोमीटर दूर अमोला-2 स्थित एक गुप्त गोदाम में भेजा जाता था, जहाँ इसकी पैकिंग की जाती थी। जब टीम पैकेजिंग यूनिट पर पहुँची, तो वहाँ सन्नाटा पसरा था। अंदेशा है कि पहली यूनिट पर कार्रवाई की सूचना लीक होने के कारण वहाँ मौजूद लोग पहले ही फरार हो गए।
इन ब्रांड्स के नाम पर हो रही थी धोखाधड़ी
एसडीएम के अनुसार, फैक्ट्री में नामी और स्थानीय ब्रांड्स के नाम पर नकली पैकिंग की जा रही थी। इनमें मुख्य रूप सेलहर पान मसाला,पहेली पान मसाला,सर्कस पान मसाला,विमल पान मसालएलबी-10 और एलबी-20 तंबाकू,पी-2, पी-00 और पी-0 जैसे तंबाकू उत्पाद शामिल हैं।
जब्ती और आगामी कार्रवाई
करीब 6 घंटे तक चली इस सतत कार्रवाई में प्रशासन ने 11 से अधिक गुटखा बनाने वाली मशीनें,दो लोडिंग वाहन और एक आयसर ट्रक, केमिकल से भरे कई ड्रम और भारी मात्रा में कच्चा माल जब्त किया है।
जनपद सदस्य के पति के गोदाम पर संदेह
स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि अमोला-2 स्थित जिस गोदाम में पैकेजिंग यूनिट चल रही थी, वह घसारई निवासी जनपद सदस्य बबली बैस के पति जितेंद्र बैस का है। हालांकि, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि जितेंद्र बैस स्वयं इस अवैध यूनिट को चला रहे थे या उन्होंने गोदाम किसी और को किराए पर दिया था। फिलहाल उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ है।
यह बोले एसडीएम निगवाल
एसडीएम अनुराग निगवाल ने बताया कि दोनों इकाइयों को सील कर दिया गया है। अभी तक कोई भी व्यक्ति मालिकाना हक जताने सामने नहीं आया है। जल्द ही मालिक का पता लगाकर सैंपलिंग की जाएगी और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह भी जांच का विषय है कि इस यूनिट के पास वैध लाइसेंस था या नहीं।

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