ॐ नमः शिवाय से गूंजी शिव की नगरी, कई साल बाद बना है ऐसा संयोग | Shivpuri News

शिवपुरी। आज महाशिवरात्रि के अबसर पर भगवान शिवजी का पर्व शहर भर में बडी धूमधाम से मनाया गया। शिव की नगरी शिवपुरी के शिवालयोें में आज सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। जहां भक्त भगवान शिव का अभिषेक करने लिए लंबी लंबी लाईनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रे। मुख्य आयोजन शहर के प्राचीन शिव मंदिर श्री सिद्धेश्वर मंदिर पर रखा गया। इस मंदिर को विधिवत रंग विरंगी विद्युत सज्जा से सजाया गया। 

इसके साथ ही शिवरात्रि के महापर्व पर माधवचौक हनुमान मंदिर,चंद्रमोली महादेव मंदिर,इच्छापूर्ति शिवमंदिर,गुप्तेश्वर महादेव मंदिर,राजेश्वरी नीलकण्ठेशवर मंदिर सहित जिले भर के महादेव मंदिरों पर धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। शहर के कई मंदिरों पर भक्तों के लिए प्रसादी वितरित कर भण्डारों का आयोजन किया गया। 

शिवरात्रि महापर्व से पूर्व श्री सिद्धेश्वर महादेव सेवा समिति द्धारा भगवान शिवकी झांकी के साथ सिद्धेश्वर महादेव की सबारी निकाली गई। जिसका शहर भर में भव्य स्वागत किया गया। जगह जगह लोगों ने इस झांकी की पूजा अर्चना की। इस दौरान भक्तों को असुविधा न हो इसलिए प्रबंधन ने व्यवस्थाएं पहले से ही कर रखी थी। लोगों ने भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए दूध दही,शक्कर,घी सहित गंगाजल और धतूरा लेकर भगवान शिव का अभिषेक किया। 

आज रात्रि में श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पर आर्केस्टा का आयोजन किया जा रहा है। चंद्रमोली महदेव मंदिर एचडीएफसी बैंक के सामने प्रतिबर्ष की तरह स्थानीय मंण्डली द्धारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। ओरियन्टल चौराहे पर इच्छामूर्ति शिमंदिर पर छप्पन भोग का आयोजन किया जागएा। 

शिवरात्रि के साथ हुआ सिद्धेश्वर मेले का भूमिपूजन
आज शिवपुरी में सिद्धेश्वर मेला ग्राउण्ड मे लगने बाले मेले का नगर पालिका ने भूमिपूजन कर मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान नगर पालिका सीएमओ सीपीराय के साथ नपाध्यक्षक मुन्नालाज कुशवाह,उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी और पार्षद पवन शर्मा ने पूजा कर मेले का शुभारंभ किया। मेले के भूमि पूजन के बाद नगरपालिका में आई नई जेसीबी का भी भूमिपूजन किया। नपाउपाध्यक्ष अन्नीशर्मा ने बताया कि शिवपुरी की पहचान बन चुका सिद्धेश्वर बाणगंगा मेले को पुरानी पहिचान दिलाने के लिए इस बार नगर पालिका के काफी अच्छे इंताजम की बात कही। 

कई सालों के बाद बना है ऐसा संयोग
आज सोमवार को शिवरात्रि का महापर्व पढा है। यह महज एक संयोग है परंतु कुंभ मेले के दौरान और भगवान शिव का दिन माने जाने बाले सोमबार को शिवरात्रि का होना महज संयोग है। परंतु अध्यात्मिक नजर से इस संयोग का बढा महत्व माना जा रहा है। ज्योतिसाचार्य इस संयोग को शुभ बता रहे है। 

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