कोलारस। कोलारस तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था चारों खाने चित पड़ी हुई है शासकीय विद्यालयों में आने वाले गरीब जरूरतमंद बच्चों को उनका हक उनको नहीं मिल पा रहा है। ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत खेरोना के अंतर्गत आने वाले ग्राम कर मई में मौजूद है यह गांव आदिवासी बाहुल्य है यहां के आदिवासियों ने बताया कि ग्राम कर मई के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में हमारे बच्चे पढऩे जाते हैं परंतु उनको माध्यम भोजन का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
यहां पर गठित समूह के संचालक ग्राम पंचायत खेरोनाके भाजपा नेता दा की पत्नी है जो की ग्राम खेरोनाकी निवासी हैं और जब से भाजपा का शासन था तो कोई शिकायत भी करता तो कार्रवाई नहीं होती और आदिवासी बाहुल्य गांव होने के चलते आदिवासी लोक दल के कारण शिकायत नहीं करते जिसके चलते यहां पर माध्यम भोजन व्यवस्था ठप पड़ी हुई हैं।
यहां पर गठित समूह को हटा कर दूसरा समूह गठित किया जाए जिससे मध्यान भोजन का लाभ यहां के बच्चों को मिल सके इसी तरह अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में मध्यान्ह भोजन योजना पूरी तरह से शोपीस बनी हुई है जनपद पंचायत के आला अधिकारी इस और कार्यवाही नहीं करते जिसके चलते समूह चलाने वालों के हौसले बुलंद बने हुए हैं और वह जमकर अपनी मनमानी करने में जुटे हुए हैं।

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