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स्वास्थ्यवर्धक खबर: आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने तय की गाइड लाईन | Shivpuri News

शिवपुरी। देश में पहली बार अस्तिव मेें स्वास्थ्यवर्धक योजना आयुष्मान योजना के तहत देश के 10 करोड परिवारों के लगभग 50 करोड लोगों को भारत सरकार 5 लाख रूपए का बीमा उपलब्ध कर रही हैं। इसके लिए आधार कार्ड के अनिवार्यता खत्म कर दी गई हैं। 

जिले के सभी कॉमन सर्विस सेंटरों द्वारा आधार ई-केवाईसी के माध्यम से पात्र हितग्राहियों के पंजीयन कर गोल्डन कार्ड प्रदान किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में संचालित केंद्राें पर जाकर नागरिक अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। आयुष्मान गोल्डन कार्ड पंजीयन के लिए निर्धारित गाइड लाइन सरकार द्वारा बनाई गई है। 

योजना को संचालित करने वाली नेशनल हेल्थ एजेंसी ने एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर लांच किया है। जिससे कोई भी यह जांच सकता है कि लाभार्थियों की फाइनल लिस्ट में उसका नाम शामिल है या नहीं। नाम जांचने के लिए वेबसाइट mera.mjay.gov.in देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर सकते हैं। 

स्कीम का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। बस अपनी पहचान स्थापित करना होगी, जिसे समग्र आईडी या आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र या राशन कार्ड जैसे पहचान पत्रों से स्थापित कर सकते हैं। पात्रता जांच एवं पंजीयन पूर्णता निशुल्क है। केवल नॉन हास्पिटल वाले पात्र हितग्राही कॉमन सर्विस सेंटर केंद्रों द्वारा गोल्डन कार्ड का निर्धारित शुल्क 30 रुपए 
लिया जाएगा। 

डिजीटल सुविधा देगा सीएससी केंद्र 
जिले की सभी ग्राम पंचायत, तहसील व शहरी क्षेत्रों में सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा कॉमन सर्विस सेंटर केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके माध्यम से डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत डिजिटल सुविधाएं प्रदान की जाती हंै। योजना में इन केंद्रों की पंजीयन व गोल्डन कार्ड प्रदान करने में प्रमुख भूमिका रहेगी। पात्र हितग्राही द्वारा कार्ड आवेदन के लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी व मोबाइल नंबर होना चाहिए। 

इन बीमारियों का होगा इलाज
इलाज के कुल एक हजार 354 बीमारियों का पैकेज है। कैंसर सर्जरी और कीमोथैरेपी, रेडिएशन थैरेपी, हार्ट बायपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, रीढ़ की सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी और एमआईआईए सीटी स्कैन जैसे जांच शामिल हैं। 

लाभ पाने के लिए ऐसे करें क्लेम 
सरकार के पैनल में शामिल हर अस्पताल में आयुष्मान मित्र हेल्प डेस्क होगा। वहां लाभार्थी अपनी पात्रता को डॉक्यूमेंट्स के जरिए वेरिफाई कर सकेगा। इलाज के लिए किसी स्पेशल कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ लाभार्थी को अपनी पहचान स्थापित करना होगी। पात्र लाभार्थी को इलाज के लिए अस्पताल को एक पैसा भी नहीं देना होगा।