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स्वस्थ राजनीति की शुरूवात:बदलेगी शिवपुरी की दशा और दिशा | Shivpuri News

शिवपुरी। भाजपा शासनकाल में शिवपुरी जिले में श्रेय की राजनीति को लेकर अक्सर कांग्रेस और भाजपा में टकराव देखने को मिलता था और इसी कारण शिवपुरी में विकास की योजनाएं लंबित होती रही हैं। खासकर सिंध जलावर्धन योजना और सडक़ निर्माण को लेकर दोनों पक्ष एक दूसरे के आमने सामने आते रहे हैं और इस मामले में नपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज हो चुके हैं। 

मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति पर तो सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच जमकर टकराव चला था, लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद और कांग्रेस की ताजपोशी के पश्चात इस दिशा में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सकारात्मक पहल की है और उनकी पहल के कारण भाजपा विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने फोरलेन निर्माण का भूमिपूजन मुख्य अतिथि के रूप में किया। इससे शिवपुरी जिले में एक बार फिर से स्वस्थ राजनीति की शुरूआत होने की संभावना बलवती हुई है। 

इस अंचल की राजनीति में सिंधिया राजपरिवार का प्रभाव दलों की सीमाओं से हटकर है। पहले राजमाता विजयाराजे सिंधिया और उनके सुपुत्र माधवराव सिंधिया अलग-अलग दल में थे और अब यशोधरा राजे सिंधिया और उनके भतीजे ज्योतिरादित्य सिंधिया अलग-अलग दल में हैं। अलग-अलग दल में होने के बावजूद भी पिछले पांच साल को छोड़ दें तो कभी भी टकराव देखने को नहीं मिला। 

विकास के कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सिंधिया परिवार के विपरीत धु्रव उपस्थित होते रहे हैं। हालांकि पांच वर्षौें में कुछ कार्यक्रमों में ज्योतिरादित्य सिंधिया और यशोधरा राजे सिंधिया की उपस्थिति रही है, लेकिन विवाद मुख्य अतिथि कौन होगा और अध्यक्ष का दायित्व कौन संभालेगा इसको लेकर होता रहा है। 

हालांकि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया कहते रहे कि भले ही चुनाव में दोनों दल एक दूसरे के आमने सामने हों, लेकिन चुनाव के बाद तो विकास को लेकर दोनों को साथ खड़े होना चाहिए, परंतु भाजपा शासनकाल में उनका कथन महज कथन बनकर रह गया। 

लेकिन कल फोरलेन के भूमिपूजन और राजमाता विजयाराजे सिंधिया चौक के भूमिपूजन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यशोधरा राजे सिंधिया की उपस्थिति रही और यशोधरा राजे ने खुले मंच से अपने भतीजे सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बड़प्पन का परिचय दिया तथा इसी कारण मैं मुख्य अतिथि के रूप में यहां आई हूं। 

इससे यह समारोह राजनीति की संकीर्ण सीमाओं से ऊपर उठ गया और इससे आशा बंधी विकास के लिए अब कभी टकराव देखने को नहीं मिलेगा। इस सकारात्मक पहल का परिणाम ही था कि कांग्रेस के नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह और उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी सहित कांग्रेसी कार्यकर्ता समारोह में शिरकत करते नजर आए।