शिवपुरी। कागज के टूकडे से अस्तिव में आने वाला मेडिकल कॉलेज शुरू से विवादो में रहा हैं, सन 2014 के लोकसभा में चुनावी मुददा बन चुका शिवपुरी का मेडिकल कॉलेज अब मेडिकल कॉलेज में स्टाफ भर्ती घोटाले का कारण सुर्खियो में बटोर रहा है। पैरामेडिकल स्टाफ के भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल खडे हो रहे थे। इस कारण पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया पर जांच के आदेश कमिश्नर ने कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि इस भर्ती प्रक्रिया पर उठ रहे सवालो को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मेडिकल कालेज पहुंची। जहां डीन नही मिली। मौजूद स्टॉफ से भर्ती प्रक्रिया के दस्तावेज मांगे तो उन्होने दस्तावेज जांच टीम को उपलब्ध नही कराए। कहां की डीन जब आऐंगे तभी सभव होगा। बताया गया हे कि डीन इस टीम के आने की सूचना पर ही कालेज से गायब हो गई। स्टाफ द्धवारा बताया गया कि डीन अभी-अभी ही बहार चली गई हैं।
मेडिकल कॉलेज में स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया में हो रही गडबड़ी को लेकर कुछ दिन पूर्व ही प्रशासनिक टीम का गठन किया था। इस टीम में एसडीएम अशोक चौहान, डिप्टी कलेक्टर आरबी सिंडोसकर, महिला बाल विकास अधिकारी ओपी पांडे, सिविल सर्जन डॉ पीके खरे सहित तीन अन्य लोगो को इस टीम में शामिल किया था।
जानकारी मिल रही है कि इस भर्ती प्रक्रिया में जमकर नियमो को तोडा गया हैं किसी आवेदक को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के अंक दिए गए हैं, किसी आवेदक को नही, कई आवेदको के प्रमाण पत्रो को गायब कर दिया गया है। ऐसे कई आरोप भर्ती प्रक्रिया पर लगे हैं।


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