शिवपुरी। मप्र कें कांग्रेस की सरकार बनने के बाद पहली बार अपने लोकसभा सभा में क्षेत्र में सिंधिया सरकार के पहले तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन कोलारस में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयान से कांग्रेस के नेताओ में हडकंप मच गया हैं,वही कुछ नेताओ के दिल बाग-बाग हो गया। बयान कोलारस विधानसभा सीट के हारने को लेकर दिया गया हैं।
सोमवार को सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल से शिवपुरी के कोलारस पहुंचे। कोलारस में उन्होंने पोलिंग कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली। उन्होंने कोलारस सीट पर मामूली अंतर से हारने पर खुलकर अपनी नाराजगी बयां की। सिंधिया ने कहा- 15 साल बाद प्रदेश में हमारी सरकार बनी है। अब ये विचित्र स्थिति देखिए कि बहुमत के लिए 116 सीटें चाहिए। यदि हम कोलारस जीत जाते तो 115 पर पहुंच जाते।
सिंधिया ने कहा कि मैं इस चुनाव की समीक्षा करने वाला हूं। जिन्होंने विधानसभा, सेक्टर या पोलिंग पर जबरदस्त नतीजा दिया है, उनकी पीठ मैं खुद थपथपाऊंगा, उसे आगे करुंगा। जो अपनी पोलिंग पर नतीजा नहीं दे पाए और अपनी ही पोलिंग हार गए हैं, ऐसे लोगों की छंटनी मैं खुद करने वाला हूं।
सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर चंबल की 34 में से 26 विस सीटों पर कांग्रेस का झंडा लहराया। लेकिन कोलारस की जिस सीट पर जीत का विश्वास था, वहां आशा के अनुरूप परिणाम नहीं मिले। इससे मैं बहुत दुखी व निराश हूं। इस हार की समीक्षा करूंगा। किसने क्या किया है, यह मुझे मालूम है। मैं उन्हें चेतावनी दूंगा।
सिंधिया ने कहा कि लोकसभा चुनाव में आप लोगों का टारगेट होना चाहिए कि एक नंबर पर कोलारस का मार्जिन निकले। तालियां मत बजाना, अब तालियां तभी बजाना जब लोकसभा की पेटियां खुलें। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भी सिंधिया से कहा कि पार्टी के कुछ बड़े नेता हार के लिए जिम्मेदार हैं।

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