इंडस्ट्रीज ऐरिया में उग रहा है, सीमेंट, लोहा, प्याज और कबाडा, फसल अधिकारियो के पास पहुंच रही है | Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी शहर में छोटे उदयोगों को बढावा देने के लिए गुना बाईपास पर इंडस्ट्रीज ऐरिया को जमीन दी गई थी। इस जमीन को फैक्ट्री देने वाले को बहुत कम रेट पर लीज पर दी गई थी,लेकिन इस ऐरिया के भूखंडो पर 2 प्रतिशत ही फैक्ट्री चल रही हैं। बाकी भूखंडो पर बने भवनो में गोदाम का यूज किया जा रहा हैं। 6 माह पूर्व जब मिडिया ने इस मामले को उठाया था विभाग ने नोटिस देकर वसूली अभियान शुरू कर दिया था। 

जैसा कि विदित हैं कि  शहर के गुना चुंकीनाका के पास विकसित किए गए औद्योगिक क्षेत्र में सस्ती दरों पर प्लॉट आवंटित किए गए। जमीन पर छोटे उद्योग लगाने की बजाय गोदाम के रूप में उपयोग किया जा रहा है। इसे लेकर विभाग ने जुलाई 2018 में 212 लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगे थे। लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद नोटिसों के जवाबों का पता नहीं है। अभी तक एक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है। जबकि वर्तमान समय में कई प्लॉटों पर गोदाम बनाकर प्याज का भंडारण, सीमेंट व अन्य सामान रखा जा रहा है। 

जिस मकसद के लिए प्लॉट लिए थे, वह पूरा नहीं हो पा रहा है। यदि उद्योग विभाग के अधिकारी संजीदा रहकर नजर रखते तो छोटे उद्याेग संचालित होने से कई बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्राप्त होते। 

विभाग ने नोटिस देकर साल 2017-18 का लेखाजोखा मांगा है : 
उद्योग विभाग ने प्रत्येक व्यापारी को नोटिस भेजकर संबंधित उद्योग का साल 2017-18 का लेखा जोखा मांगा है। स्थापित उद्योग में बिजली भार और मासिक बिजली खपत मांगी है। उद्योग के लिए खरीदा गया कच्चा माल और तैयार कर बेचे गए माल का लेखाजोखा। उद्योग से संबंधित काम में लगे श्रमिकों का ब्यौरा, जीएसटी नंबर तथा आधार पंजीयन मांगा है। 

जवाब न मिलने पर लीज निरस्ती का प्रावधान 
उद्योग विभाग द्वारा प्लॉट आवंटन के समय रखीं नियम-शर्तें का उल्लंघन हो रहा है। प्लॉट पर दूसरी गतिविधि संचालित होने या किराए पर देने की स्थिति में लीज-डीड अनुबंध खत्म करने की कार्रवाई का प्रावधान है। लेकिन उद्योग विभाग की कार्रवाई नोटिस तक सिमट गई है। यहां बता दें कि तत्कालीन महाप्रबंधक एआर रजक ने भी नोटिस जारी किए थे। लेकिन उस समय भी किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। 

जवाबों का परीक्षण कर कार्रवाई शुरू करेंगे 
 नोटिस जारी करने के बाद कई लोगों के जवाब आए हैं। कुछ का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई शुरू करेंगे। जिन तीन-चार इकाईयों पर दूसरी गतिविधि संचालित थीं, उन्हें देखने नहीं जा पाए। कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे। जिससे उद्योग लगने से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। 
निरंजनलाल श्रीवास्तव, महाप्रबंधक, उद्योग विभाग शिवपुरी 

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