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अंधे कत्ल का खुलासा: चचेरे भाई ने RAPE के बाद की थी 7 वर्षीय मासूम की हत्या, ACCIDENT बताया था

शिवपुरी। खबर शहर के देहात थाना क्षेत्र से आ रही है। जहां बीते 23 जून को अपने घर से महज 50 मीटर की दूरी पर एक मासूम की एक्सीडेंट में हुई मौत के मामले में पुलिस ने म्रतिका के चचेरे भाई को हिरासत में लिया है। उक्त आरोपी घटना के बाद शहर को छोडकर चंदेरी में जाकर रहने लगा था। जहां से पुलिस ने इस आरोपी को गिरफ्तार किया है। 

जानकारी के अनुसार 23 जून 2018 को शहर के देहात थाना क्षेत्र के पीएसक्यू लाईन में एक 7 वर्षीय मासूम की घर से कुछ दूरी पर एक्सीडेट की सूचना मिली थी। जिसपर म्रतिका का चचेरा भाई परवेज म्रतिका को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने इस मासूम को म्रत घोषित कर दिया। उसके बाद इस आरोपी ने देहात थाने पहुंचकर अज्ञात वाहन से एक्सीडेंट की शिकायत की। जिसपर पुलिस ने अज्ञात वाहन के चालक के खिलाफ 304 ए के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में ले लिया था। 

इस मामले की जांच करने जब पुलिस फरियादी द्धारा बताए गए स्थान पर पहुंची और घर के मालिक से एक्सीडेंट की बात पूछी तो उसने घटना होने से इंकार कर दिया। जिसपर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने और गहन पूछताछ कर पडौसीयों से जानकारी चाही तो समाने आया कि उक्त मासूम को एक महिला ने परवेज की दुकान में जाते देखा है। 

जब और जानकारी चाही तो एक महिला ने बताया कि उसने परवेज को उक्त मासूम को गोदी में उठाकर ले जाते हुए देखा है तो पुलिस का शक और बढता गया। तबतक पीएम रिपोर्ट आ गई। जिसमें सामने आया कि मासूम की मौत एक्सीडेंट नहीं बल्कि दीबाल में सिर देकर हत्या की गई है। 

जिसपर पुलिस ने उक्त पूरे मामले से पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर और एडीशनल एसपी गजेन्द्र कंबर को बताया। जिसपर पुलिस अधीक्षक ने उक्त मामले में अज्ञात आरोपी पर हत्या के मामले का इजाफा कर जांच करने की बात कही। इस मामले की जांच उपनिरीक्षक नरेन्द्र गुर्जर ने की तो सामने आया कि उक्त चचेरा भाई परवेज शिवपुरी में अपना घर और दुकान बैचकर कही फरार हो गया। पुलिस ने घटनाक्रम के फोटोग्राफों की जांच की तो सामने आया कि मासूम की छाती पर भी चोट के निशान है। और इस पर पुलिस उक्त आरोपी की जांच में जुट गई। पुलिस ने सूत्रों से जानकारी जुटाई तो पता चला कि उक्त आरोपी अशोकनगर के चंदेरी में रह रहा है। जहां वह अण्डे का ठेला लगाकर अपना जीवन चला रहा है। 

जिसपर पुलिस चंदेरी पहुंची तो आरोपी को उक्त मामले की पहले से भनक लग गई और वह फरार हो गया। जिसपर पुलिस ने 8 दिन बाद फिर मुखबिर की सूचना पर आरोपी को चंदैरी से गिरफ्तार कर लिया। जब पुलिस ने इस आरोपी से पूछताछ की तो पहले तो वह इंकार करता रहा। लेकिन जब कडाई से पूछतात की तो उसने अपना जुर्म कबूलते हुए पूरी कहानी बयां कर दी। 

इस कहानी में आरोपी ने बताया कि वह म्रतिका का चचेरा भाई है जिसकी अभी तक शादी नहीं हुई है। घटना बाले दिन आरोपी मासूम को अपने साथ अपने घर ले गया और वहां ले जाकर आरोपी की नियत बिगड गई। जिस पर से आरोपी ने मासूम के साथ रेप का प्रयास किया। जिसपर मासूम ने उक्त घटना के बारे में अपनी अम्मी को बताने की बात कही तो आरोपी ने गुस्से में मासूम का सिर दीबाल में दे मारा। 

उसके बाद इस घटना को छुपाने के लिए आरोपी ने कहानी रचते हूुए इस घटना को एक्सीडेंट बताने का प्रयास किया। जिसमें वह सफल भी हो गया। परंतु स्थानीय लोगों के बयान और पीएम रिपोर्ट ने आरोपी की पोल खोल दी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 302, 201 ,376, 511,पोस्को एक्ट 7 8 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी के कब्जे से मासूम की चप्पल जप्तकर न्यायालय में पेश किया। जहां से माननीय न्यायालय ने उक्त आरोपी को जेल भेज दिया। 
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