करैरा। रबी फसलों में यूरिया खाद के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। करैरा नगर में खाद नहीं मिलने से शुक्रवार को किसान एकजुट होकर तहसील कार्यालय पहुंच गए। यहां किसानों ने तहसील का घेराव कर अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। खाद वितरण में किसानों ने भेदभाव का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि चेहरे देखकर परिचितों को ही खाद दी जा रही है। जबकि सैकडों की संख्या में किसान खाद के लिए भटकने को मजबूर हैं।
मार्केटिंग सोसायटी करैरा पर शुक्रवार की सुबह खाद की बिक्री हुई। महज गिने चुने किसानों को ही खाद मिल पाया। समस्या सुनने वाला कोई नहीं होने पर किसान तहसील कार्यालय पहुंच गए। यहां नायब तहसीलदार ज्योति लाक्षाकार को अपनी समस्या बताई। इसके बाद किसान कृषि उपज मंडी पहुंच गए। किसान लक्ष्मण सिंह रावत निवासी करही का कहना है कि हमको खाद नहीं दिया जा रहा है।
जबकि गोदामों में पर्याप्त मात्रा में खाद रखी है। इसी तरह किसान इंदर परिहार निवासी ग्वालिया का कहना का कहना है कि गोदामों में खाद भरी होने के बाद भी हमें पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं दी जा रही है। बड़े सेठ-साहूकारों के गोदामों में खाद पहुंचाई जा रही है।
यह लोग प्राइवेट में महंगी रेट पर किसानों को खाद बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं। किसान हरवंश गुर्जर निवासी दुमदुमा ने बताया कि जो बोरी ₹270 मिलती थी, आज वही बोरी ₹400 से अधिक दाम में बाजार में मिल रही है।


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