Ad Code

Responsive Advertisement

जनसमस्या निवारण शिविर एवं अंत्योदय मेले का आयोजन 31 जनवरी को | Shivpuri News

शिवपुरी। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी जनसामान्य को उपलब्ध कराने एवं समस्याओं के निराकरण हेतु 31 जनवरी 2019 को प्राप्तः 11 बजे से पोलोग्राउण्ड शिवपुरी में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण एवं अंत्योदय मेले का आयोजन किया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी ने आज समय-सीमा (टीएल) की बैठक में पत्रों की समीक्षा के दौरान दी। 

जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर श्री अशोक कुमार चौहान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश जैन, जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं जिला अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। 

कलेक्टर अनुग्रहा पी ने जिले के सभी अधिकारियों को जानकारी देते हुए बताया कि 31 जनवरी 2019 को जिला मुख्यालय पर स्थित पोलोग्राउण्ड पर प्रातः 11 बजे से आयोजित शिविर किया जाएगा। इसके लिए सभी अधिकारी योजनाओं के तहत लाभांवित किए जाने वाले हितग्राहियों को चिंहित कर उन्हें लाभांवित कराना सुनिश्चित करें। 

उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी मेले में विभागीय योजनाओं पर केन्द्रित अपने-अपने विभाग के स्टॉल लगाएगें। जिनके माध्यम से विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ हितग्राहियों को भी लाभांवित कराएगें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि मेला स्थल पर निःशक्तजनों के लिए भी एक शिविर आयोजित किया जाए। 

शिविर में चिहिंत निःशक्तजनों को कृत्रिम सहायक उपकरण वितरित किए जाए। इस कार्य में सामाजिक न्याय विभाग, शिक्षा विभाग से समन्वय करें। उन्होंने इस दौरान शासन की विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं की भी प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि योजनाओं के तहत जो प्रकरण स्वीकृत हो चुके है, उन प्रकरणों में संबंधित विभाग बैंको से समन्वय कर वितरण की कार्यवाही सुनिश्चित करें और बैंको को अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों के प्रकरण भेजे जाए। 

कलेक्टर ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2019-20 हेतु समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु कृषकों के पंजीयन के लिए 21 जनवरी से 23 फरवरी 2019 तक पंजीयन केन्द्रों पर प्रातः 11 बजे से शाम 05 बजे तक पंजीयन किया जाएगा। पंजीयन किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि पंजीयन केन्द्रों पर आवश्यक व्यवस्थाए सुनिश्चित करें। 

उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों की सूची संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी को आवश्यक रूप से उपलब्ध कराए। जिससे वह केन्द्रों पर जाकर निरीक्षण कर सके।