ShivpuriSamachar.COM

Bhopal Samachar

मेडिकल भर्ती घोटाला: ऐसा भ्रष्टाचार मैरिट सूची में नंबर 1 की जगह पाने वाली आवेदिका को पटक दिया 58वें नंबर पर | SHIVPURI NEWS

एक्सरे ललित मुदगल शिवपुरी। कागज के टूकडे से अस्तित्तव में आया शिवपुरी का मेडिकल कॉलेज लगातार सुर्खियो में बना रहता है। पिछले लोकसभा चुनाव में इस मेडिकल कॉलेज को कागज के टूडके से भाजपा ने निरूपति  किया था। अभी मेडिकल कॉलेज शुरू नही हुआ हैं,लेकिन भर्ती अवश्य हो गई है। मेडिकल कॉलेज की भर्ती में घोटाला किया हैं इसमें भ्रष्टाचार के लिए अपने ही बनाए गए नियमो की हत्या की गई हैं। आईए इस मामले का एक्सरे करते है।  

जैसा कि विदित है कि अगस्त 2018 में मप्र शासन चिकित्सा विभाग मंत्रालय भोपाल ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से शासकीय स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय शिवपुरी के अधीन रिक्त पदो की सीधी भर्ती निकाली। इस विज्ञप्ति में लैव अस्टिेंड की समान्य वर्ग में 13 जगह जिसमें 9 पुरूष,4 महिला की निकाली थी। 

इन पदो की भर्ती प्रक्रिया में टोटल 100 मार्क की चयन प्रक्रिया बनाई गई। विज्ञत्ति के अनुसार लैव अस्टिेंड पद हैतु योग्यता बाहरवी से साईंस मांगा गया था, विभाग ने इन सभी लैव अस्टिैड की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर ली है और इसकी मैरिट सूची भी अपनी बेवसाईड पर प्रकाशित भी कर दी हैं

इस सूची पर इस भर्ती में आवेदिका श्रीमति निधि जैन निवासी ग्वालियर ने इस मैरिट सूची पर अपनी आपत्ति दर्ज की है। उनके आवेदन के अनुसार जब विभाग की विज्ञत्ति में भर्ती के नियमो में आवेदक से सिर्फ 12बी की मार्कसीट मांगी थी। तो मैरिट सूची में अनुभव प्रमाण पत्र और डिप्लौमा के नंबर कैसे दिए गए। विभाग ने अपने ही बनाए नियम किस नियम और कानून से बदल दिए।

मैरिट सूची की अगर बात करे तो मार्क सीट के मैक्सीसम 50 अंक डिप्लोमा के 20 अंक और अनुभव के 30 अंक इस हिसाब से आवेदको का चयन किया गया हैं। अगर विज्ञत्ति के नियमो की बात करे तो आवेदको से इस पद के लिए केवल 12 पास आउट मांगा गया था। लेकिन मैरिट सूची के हिसाब से बात करे तो चयन प्रक्रिया में 2 कॉलम और बढा दिए गए है।

लैब अस्टिेंड की भर्ती की मैरिट सुची की बात करे तो इस सूची में प्रथम स्थान संदेश शर्मा को मिला है। इन्है मार्कसीट से 25.7 अंक डिप्लौमा के 10  अंक और अनुभव के सबसे ज्यादा नंबर 28 दिए गए है और इस हिसाब से टोटल अंक 63.7 अंको को लेकर संदेश शर्मा ने मैरिट सूची में प्रथम स्थान पाया हैं। 

अगर इस मैरिट सूची में देखा जाए तो अंकसूची में प्रति 2 प्रतिशत से 1 अंक दिया है। और अनुभव में सरकारी है तो प्रति वर्ष के 2 अंक दिए है। सूची के हिसाब से बात करे तो संदेश शर्मा को 14 साल का सरकारी अनुभव है

अगर इन्होने 14 साल का अनुभव  है तो यह आवरऐज भी हो सकते है। ग्वालियर निवासी निधि जैन ने अपना आवेदन भरते समय अपनी मार्कसीट, डिप्लौमा और अनुभव प्रमाण पत्र भी सल्गंन किया था। इन्है मैरिट सूची में 58बां स्थान हासिल हुआ है। इन्है अंकसूची के 40 अंक डिप्लौमा के 5 अंक लेकिन अनुभव के नंबर विभाग भ्रष्टाचार के चलते खा गया।

निधि जैन का कहना है कि मेरा सरकारी अनुभव 5 साल का है और इस हिसाब से 10 अंक मिलने चाहिए लेकिन ऐसा नही हुआ है। अगर मुझे 10 अंक और मिलते मेरा टोटल 55 होता और मैं मैरिट सूची में पुरूषो के 6 छठवे नंबर पर होती और महिलाओ की में 1 नंबर पर होती।

कुल मिलाकर विभाग ने अपने ही बनाए गए नियमो को भारी भ्रष्टाचार के लिए बदल दिया हैं। अभी इस मामले में जांच चल रही है। अगर इस पूरे मामले में देखा जाए तो जो आवेदका महिलाओ की मैरिट सूची में 1 वन की पॉजीशन पर होती, लेकिन लाखो रूपए के इस भ्रष्टाचार में वह मैरिट से बाहर हो गई। इसमे सबसे बडी बात है कि अयोग्य लोगो चयन हुआ हैं जो मरिजो के स्वास्थय के साथ क्या खिलवाड कर सकते है यह आप भी स्वयं समझ रहे होंगें।
Share on Google Plus

Legal Notice

Legal Notice: This is a Copyright Act protected news / article. Copying it without permission will be processed under the Copyright Act..

0 comments:

-----------

analytics