दिल्ली से निराश लौटे सिंधिया समर्थक नेता और विधायक, बैजनाथ नहीं जा सके, बोले- देर से पता चला | Shivpuri News

शिवपुरी। मध्यप्रदेश में सरकार बनाने का न्योता मिलने के बाद कांग्रेस के भीतर सत्ता का संग्राम तेज हो गया था। मुख्यमंत्री पद के  दावेदार ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में 25 से ज्यादा विधायक दिल्ली पहुंचे और वे सिंधिया के आवास पर ही धरने पर बैठ गए थें। 

मुख्यमंत्री पद के दो दावेदार थे, जिसमें पार्टी हाईकमान ने प्रदेश का नाथ कमलनाथ को बनाने का ऐलान कर दिया है। इससे सिंधिया समर्थको में निराशा छा गई, निर्वाचित विधायकों में से 25 सदस्य दिल्ली पहुंच गए हैं। ये सभी सिंधिया को उपमुख्यमंत्री या प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे थे। 

धरने पर बैठे सिंधिया समर्थक विधायक और कांग्रेस नेताओ का कहना था कि सांसद सिंधिया को मप्र की कमान सौपने के लिए ही  राज्य के बड़े हिस्से के मतदाताओ ने कांग्रेस को वोट किया और जिसका परिणाम सार्थक निकला। मगर इतने बडे जनमत को स्वीकार नही किया गया, विधायकों की मांग थी,कि सिंधिया को पार्टी की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया जाए। यह विधायकों की भावनाएं हैं, अपनी भावना व्यक्त करने का सभी को अधिकार है,लिहाजा, पार्टी हाईकमान को इस पर विचार करना चाहिए।

नेताओं का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व की इस उपेक्षा का खामियाजा पार्टी को आने वाले लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ सकता है। क्योंकि जन भावना भी यही रहीं हैं कि सिंधिया ही प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें। लेकिन युवा चेहरे की जगह पार्टी ने पुराने चेहरे को ही सीएम बना दिया है। 

सिंधिया समर्थक विधायक और कांग्रेस नेताओ के इस धरने को सफलता नही मिली,बल्कि सांसद सिंधिया ने अपने विधायको और समर्थक नेताओ को समझा कर वापस भेज दिया है,शिवपुरी से पहुंचे सिंधिया समर्थक और शिवपुरी से निर्वाचित कांग्रेस के विधायक मायूस होकर दिल्ली से वापस हो गए। 

बैजनाथ दिल्ली नहीं जा सके, बोले- मुझे देर से पता चला, अब भोपाल आ गया हूं 
शिवपुरी से कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री हरवीर रघुवंशी, प्रदेश सचिव राकेश जैन आमोल, पोहरी विधायक सुरेश धाकड़, करैरा विधायक जसवंत जाटव सहित अन्य कांग्रेसी नेता शनिवार की रात ही दिल्ली रवाना हो गए थे। 

वहीं कांग्रेस कमेटी शिवपुरी के जिलाध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव से बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि वे दतिया में थे। रात को इस बारे में पता चला, इसलिए दिल्ली नहीं जा सके। हालांकि सोमवार को भोपाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ है, इसलिए रविवार की देर शाम भोपाल आ गया हूं। 
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