शिवपुरी। शहर के कभी किसी नाले मे तो कभी कहीं झाडियों या नाले में नवजात बच्चों के मिलने के मामले के प्रकाश में आते रहते हैं। जिसके चलते कुछ बच्चों की जान भी जा चुकी हैं। अब किसी बच्चे को लावारिस न फैका जाए, इसके लिए जिला अस्पताल में शिशु स्वागत केन्द्र बनाया गया हैं, इसके अतिरिक्त आगामी दिनों में जिले के सभी प्रसव केन्द्रों पर बनाया जाऐगा।
इसमें एक झूले वाला पलना लगा हुआ है, इस पालने में अपने ऐसे बच्चे को रखा जाए जो अपने बच्चे को अपनाना नही चाहता है। उसका नाम पता गोपनीय रखा जाएगा। बाल संरक्षण अधिकारी राघवेन्द्र शर्मा ने कहा कि जब भी इस प्रकार की परिस्थितियां निर्मित हो तब समझदारी से काम लेना चाहिए। ममता और मानवता को कलंकित कर जिस अनचाहे बच्चे को मौत के मुंह में धकेला जा रहा हैं,वह किसी आंगन में खुशिया ला सकता हैं।
समाज में ऐसे बहुत लोग है अनचाहे पर अपार खुशिया लुटाने की आस लगाकर बैठे हैं। जिला प्रशासन द्धारा प्रत्येक प्रसव केंन्द्र को शिशु स्वागत केन्द्र का दर्जा दिया जाऐगा। जहां कोई भी जन्म के तत्काल बाद अपने बच्चे को समर्पित कर सकता है।ऐसा करने से शिशु का जीवन भी सुरक्षित रहेगा और किसी के सूनी गोद भी भर सकती हैं।
बाल सरक्षण अधिकारी शर्मा ने बताया कि यदि अनचाहे गर्भ के कारण कोई अपने बच्चे को समर्पित करना चाहता हैं तो उसके लिए वह अपने गांव या वार्ड के आंगनबाडी कार्यकर्ता,आशा कार्यकर्ता को भी बता सकता हैं। अपने नजदीकी प्रसव केन्द्र या बाल विकास परियोजना कार्यालय पर भी सपंर्क कर सकता हैं।
बाल कल्याण समिति या जिला बाल संरक्षण कार्यालय को भी बच्चे का समर्पण कर सकता हैं। जिला चिकित्यालय में संचालित पालना ग्रह में बच्चे को छेाड सकता हैं।

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