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बडी खबर: करैरा विधानसभा के लिए दतिया जिले के 28 गांव मतदान करते है | karera news

शिवपुरी। किसी क्षेत्र का परिसीमन गलत हो जाए तो क्या होता है, इसका जीता जागता उदाहरण हमे देखने को मिल रहा है करैरा विधान सभा के  इसके कई गांव जिला दतिया में आते हैं। मतदान करैरा विधानसभा को किया जाता है, लेकिन जिला दतिया लगता हैं। प्रशासन दतिया का है। इस कारण विकास क्या होता है, यह किसकी को नही पता, मुलभुत सुविधाओं को ग्रामीण तरस रहे हैं। दो पाटों के बीच इन ग्रामों की जनता विकास और सुविधाओं से महरूम है। इसकी पीड़ा ग्रामवासियों के मन में है। ग्रामीण भी कहते हैं कि जब हमारा जिला शिवपुरी की जगह दतिया कर दिया तो विधानसभा भी दतिया कर दी जाए, ताकि विकास की धारा में यह गांव भी जुड़ जाएं।

प्रशासन दतिया का, मतदाता करैरा का, नहीं होती सुनवाई
करैरा विधानसभा के गांव जो दतिया जिले में आते हैं, जिनमें पिछले कई वर्षों से न तो विधायक द्वारा कोई विकास कार्य किया गया है और न ही सांसद ने कोई ध्यान दिया। इन गांवों का जिला दतिया है। इस जिले में आने के कारण करैरा विधानसभा के 17 पोलिंग के 28 गांव आज मूलभूत सुविधाओं से वंचित बने हुए हैं। यह स्थिति तभी हल हो पाएगी, जब 15 साल बाद परिसीमन होगा। दतिया जिले में आने वाले वह गांव जनोरी, गौघारी, तोर सनाई, बिल्हारी खुर्द, बिल्हारी कला, भासडा खुर्द, भासडा कला, सईडा कला, सईडा खुर्द, बढ़गौड़, लमकना, राव बुजुर्ग, सहदौरा, छता आदि हैं।

न स्कूल खुलते समय पर, न स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर
दतिया जिले के बड़ौनी तहसील में आने वाले जो करैरा विधानसभा क्षेत्र के गांव हैं, इनमें जब उन लोगों से उनका हाल जाना तो उन्होंने कहा कि हमारे गांव में न तो स्वास्थ्य सुविधा है, न स्कूल और न ही सड़क। जब हम दतिया जिले के नेताओं से अपनी समस्या रखते हैं तो कहते हैं कि जहां आपने वोट दिया, वहीं आप अपनी फरियाद लेकर जाओ। 

ग्राम बिलहारी में बने उप-स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति बहुत ही खराब है। अगर इलाज के लिए जाना हो तो करैरा विधानसभा से 43 किलोमीटर और दतिया से 25 किलोमीटर दूर है। इस गांव में न स्कूल समय पर खुलता है न अस्पताल। जब कर्मचारियों का मन होता है, तब आ जाते हैं।

ग्रामीणो का कहना है कि हम ऐसी कई सुविधाओ से वंचित है,हमारे आधार कार्ड और वोटर परिचय पत्र में हमारे गांव करैरा विधानसभा में उल्लेखित है। लेकिन हमारा जिला दतिया हैं,हम किसी प्रकार की आर्थिक सरकारी सहयता नही ले सकते हैं। हमारे गांव में विधानसभा में होने के कारण दतिया जिले के गांवो की सूची मे दर्ज नही है। इस कारण हमे लाभ नही मिलता हैं।