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अफसरशाही: राज्यमंत्री की बुलाई बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी | Shivpuri

शिवपुरी। वैसे तो पूरे मध्यप्रदेश में इन दिनों अफसरशाही किस हद तक हावी है। इस अफसरशाही का खामियाजा भाजपा के नेता भुगत रहे है। जिसका जीता जागता उदाहरण शिवपुरी में देखने को मिला। जहां बीते रोज मध्यप्रदेश राज्य केश शिल्पी मंडल के अध्यक्ष राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त नंदकिशोर वर्मा आज समीक्षा बैठक लेने के लिए शिवपुरी में आए, लेकिन नगर पालिका में उनके द्वारा आहूत बैठक का कोई लाभ केश शिल्पियों को नहीं मिल पाया, क्योंकि इस बैठक में जिन संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को बुलाया गया था उनमें से अधिकांश तो आए नहीं और जो भी आए उनके पास जानकारी का अभाव था। इस पर राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त नंदकिशोर वर्मा ने स्पष्ट रूप से नाराजगी व्यक्त की और कहा कि वह कल मुख्यमंत्री से मिलकर इसकी शिकायत करेंगे तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा करने की बात कही।

जानकारी के अनुसार केश शिल्पी बोर्ड की समीक्षा बैठक में केश शिल्पियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आहूत की गई थी जिसकी पूर्व में सूचना राज्यमंत्री नंदकिशोर वर्मा द्वारा दे दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी आधे से अधिक संबंधित अधिकारी बैठक में अनुपस्थित रहे। 

अनुपस्थित रहने वालों में शिवपुरी और कोलारस सीएमओ तथा जनपद अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी शामिल नहीं थे। यही नहीं जो भी अधिकारी बैठक में उपस्थित भी हुए उनके पास पर्याप्त जानकारी नहीं थी। जिसके परिणामस्वरूप बैठक का कोई भी लाभ हितग्राहियों को मिलता हुआ नजर नहीं आया। बैठक के बाद राज्यमंत्री नंदकिशोर वर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बैठक की अव्हेलना शिवपुरी जिले के अधिकारियों द्वारा की गई है। 

वह केश शिल्पियों को शासन की योजनाओं को लाभ दिलाने के लिए प्रदेश के शहरी क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। इसी तारतम्य में वह शिवपुरी आए थे, लेकिन शिवपुरी में अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक को गंभीरता से नहीं लिया जिसके फलस्वरूप समीक्षा बैठक का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो पाया। 

सैन समाज ने किया श्री वर्मा का जोरदार स्वागत
केश शिल्पी बोर्ड के अध्यक्ष राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त नंदकिशोर वर्मा का जिले के सैन समाज ने होटल सनराइज में स्वागत किया। इस अवसर पर सैन समाज के लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। श्री वर्मा ने इस अवसर पर समाज के साथ बैठक ली और उन्हें बताया कि मप्र शासन केश शिल्पियों के समग्र विकास के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने सैन समाज को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए इससे लाभ उठाने की अपील की।