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ONLINE दवा कारोबार के विरोध में आज बंद रहे मेडीकल, रक्तदान के साथ भारत बंद

शिवपुरी। ऑनलाईन दवा कारोबार के विरोध में आज जिले भर की मेडीकल दुकानें बंद रही। जिला मुख्यालय पर एक दुकान कपिल मेडीकल का इमरजेंसी के दौरान संचालन हुआ। वहीं विरोध प्रदर्शन करते हुए शिवपुरी कैमिस्ट ऐसोसिएशन द्वारा एसोसिएशन के अध्यक्ष एमसी गुप्ता व सचिव डॉ सीपी गोयल के नेतृत्व में एक रैली होटल सनराईज से निकाली गई बाद में सभी एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने मिलकर अपनी 12 सूत्रीय मांगों को जिला प्रशासन के समक्ष माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान मेडीकल दुकानें बंद रख कैमिस्ट एसोसएिशन द्वारा अनूठी पहल करते हुए जिला चिकित्सालय में रक्तकोष की कमी को रक्तदान कर पूरा किया। 

इस अवसर पर शहर के दर्जनों दुकान संचालकों ने बढ़.चढ़कर रक्तदान किया। डॉसीपी गोयल के अनुसार ऑल इंडिया कैमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर भारत बंद के मध्यप्रदेश की 28565 कैमिस्टों ने इस बंद को समर्थन प्रदान किया। मुख्यालय पर कैमिस्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चन्द्रकुमार बंसलए सह सचिव नरहरि प्रसाद गर्गए संयुक्त सचिव अभिषेक शर्माए कोषाध्यक्ष अमन गोयलए प्रचार मंत्री पंकज गुप्ता आदि ने शामिल होकर इस बंद को सफल बनाया। 

दर्जनों मेडीकल संचालकों ने किया रक्तदान
कैमिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल को लेकर दुकानें बंद करने के बाद सभी मेडीकल संचालक जिला चिकित्सालय के रक्तकोष में रक्त की कमी ना हो इसे लेकर रक्तदान करने पहुंचे। यहां शिवपुरी कैमिस्ट एसोसिएशन की ओर से रक्तदान करने वालों में संजेष अग्रवाल कशिश मेडीकलए कालीचरण शिवहरे विकास मेडीकलए अरविन्द गुप्ता दीघा मेडीकलए योगेश शर्मा नित्या मेडीकलए नीरज गुप्ता देवांश मेडीकलए उत्तम सिंह धाकड़ ;दुल्हाराद्ध जय बालाजी मेडीकलए सीताराम धाकड़ धाकड़ मेडीकलए संजय जैन सौम्या मेडीकलए गोपालदास अग्रवाल गोपाल मेडीकलए गौरव गोयल श्रीकृष्णा मेडीकलए ओमप्रकाश वर्मा श्रीनाथ मेडीकलए अनिल शिवहरे संजीवनी मेडीकलए अमित शर्मा अनन्या मेडीकल व कपिल मुदगल मॉं पीताम्बरा मेडीकल स्टोर द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान कर इस बंद को सफल बनाया गया।  

इन 12 सूत्रीय मांगों को लेकर रैली निकाल सौंपा ज्ञापन
कैमिस्ट एसोसिएशन द्वारा अपनी 12 मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया जिसमें दवा कानून पूर्ण उल्लंघन कर दवा व्यावसाय किया जानाए नाबालिग लड़कियों को एमटीपी किट की बिक्री की जाती है इस हेतु कई कोर्ट केस लंबित हैए पीडि़त मानवता के लिए उच्च गुणवत्ता की दवाओं का मिलना एक समस्या होगीए सरकार की सतत निगरानी का अभाव होनाए दवाओंए वैक्सीनए इंसुलिन आदि का रखरखाव एक चुनौती पूर्ण कार्य होता है जो कि कूरियर द्वारा संचालित इंटरनेट फार्मेसी व्यावसाय में कदापि संभव नहीं हैए दवा कानून के मुताबिक दवा मरीज को रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट द्वारा दिया जाना चाहिएए मरीत की काउंसलिंग फार्मासिस्ट द्वारा की जाती है।

ऐसे में कूरियर वॉय से दवा वितरण में मरीज को काउंसलिंग मिलन संभव नहीं हैए देश की तकनीकी प्रबुद्ध युवा इंटरनेट फार्मेसी से आसानी से नशे की दवा उपलब्धता होने से नशे की प्रवृत्ति का शिकार होगाए दवाओं का रिकॉल सरकार द्वारा किया जाता है जबकि इंटरनेट फार्मेसीयों से रिकॉल कदापि संभव नहीं होगाए भविष्य में देश का दवा व्यावसाय सिर्फ और सिर्फ 2.4 बड़े कार्पोरेट के हाथों में चला जाएगाए सरकार के पास कोई तंत्र नहीं कि वह रजिस्टर्ड मेडीकल का रिकॉर्ड उपलब्ध होए ऐसे में पर्चे की वैधानिकता सुनिश्चित करना भी मुश्किल कार्य हैए देश के कोने.कोने में छोटे.छोटे गांवों में मरीजों को दवा की उपलब्धता पर खासा असर होगा। इसलिए कैमिस्ट एसोसिएशन की मांगों को लेकर सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन नं.817 दिनांक 28.08.2018 को तत्काल वापस लिया जावे व वर्तमान में कार्यरत सभी ऑनलाईन दवा कंपनियों पर उनके द्वारा किये जा रहे अवैध व्यापार हेतु दण्डात्मक कार्यवाही की जाए।