शिवपुरी। शिवपुरी में अफसरशाही किस तरह हावी है इसकी बानगी शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय में उस वक्त देखने को मिली जब पूर्व मंत्री और पिछोर से विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सौ साल की उम्र पार कर चुके लक्ष्मी नारायण गुप्ता को अपने कुछ समर्थकों के बंदूक लाइसेंस बनवाने के लिए कलेक्टर शिल्पा गुप्ता के द्वार तक आना पड़ा।
कलेक्टर शिल्पा गुप्ता से मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री लक्ष्मीनारायण गुप्ता अपने तीन नजदीकी लोगों के बंदूक लाइसेंस बनवाने के लिए गुहार लगाते देखे गए। जबकि कलेक्टर ने उन्हें अपने चेंबर के बाहर बाबा कह कर संबोधित कर दिया। कलेक्टर ने जब उन्हें बाबा कह कर संबोधित किया तो उस दौरान वहां मौजूद कुछ पत्रकारों ने उनका ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि लक्ष्मी नारायण गुप्ता जी बाबा नहीं सत्ताधारी दल भाजपा के पूर्व मंत्री हैं और वरिष्ठ नेता है।
तब कलेक्टर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अभी उनसे मेरी मुलाकात हो चुकी है और मैंने उनकी बात सुन ली है। वहीं दूसरी ओर जब पत्रकारों ने पूर्व मंत्री लक्ष्मीनारायण गुप्ता से कलेक्टर कार्यालय तक आने की वजह पूछी तो श्री गुप्ता ने कहा कि मैं अपने कुछ समर्थकों की जायज मांगों को लेकर कलेक्टर से मिलने आया था। कुल मिलाकर एक उम्रदराज और वरिष्ठ नेता को अपने कामों के लिए कलेक्टर कार्यालय तक के लिए आना पड़ रहा है, तो यह बात साफ होती है कि मध्यप्रदेश में अफसरशाही सत्ताधारी दल के नेताओं की भी नहीं सुन रही है।
गौरतलब है कि पूर्व में भी भाजपा के कई जमीनी कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस बात को उठाते रहे हैं कि मध्य प्रदेश में पिछले कुछ सालों से अफसरशाही सुनवाई नहीं कर रही है और उनके जायज काम भी नहीं हो रहे हैं। इससे पूर्व प्रदेश कार्य समिति के सदस्य देवेन्द्र श्रीवास्त के ईलाज के पैसेा में देरी की थी। जिससे उन्र्है अधूरा ईलाज करा कर लोटना पड़ा था।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।