गायत्री परिवार गढ़ रहा है संस्कारवान पीढ़ी: एन.आर.महते



शिवपुरी। बच्चा अपनी माँ के गर्भ से ही सब कुछ सीख कर आता है, आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक इस तथ्य के आधार पर गायत्री परिवार द्वारा गर्भवती माताओं के पुंसवन संस्कार बड़ी संख्या में कराए जा रहे हैं हाल ही में मनियर में संचालित हरिजन बस्ती आंगनवाड़ी केंद्र में गायत्री यज्ञ के माध्यम से 19 माताओं के पुंसवन संस्कार कराए गए। उक्त जानकारी दी गायत्री परिवार के वरिष्ठजन आर.एन.महते जो स्थानीय हरिजन बस्ती स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र पर आयोजित गायत्री महायज्ञ के दौरान उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। 

यहां संस्कार संपन्न कराते हुए गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजन एन.आर.महते एवं श्रीमती विजयलक्ष्मी शर्मा ने बताया कि जिस प्रकार हम होनहार बच्चे चाहते हैं ठीक उसी प्रकार भारत माता भी प्रतिभाशाली नागरिक चाहती है। 

उन्होंने आगे बताया कि गर्भस्थ शिशु 3 माह में आवाजए गंध और स्वाद पहचानने लगता है और यहीं से उसका मानसिक, भावनात्मक और व्यवहारिक विकास प्रारंभ हो जाता है। यही नही शिशु का 80 प्रतिशत मस्तिष्क गर्भ में ही बन जाता है। अत: माँ को हमेशा प्रसन्न, तनावमुक्त, खुशमिजाज एएकाग्रचित्त रहना चाहिए। इस अवसर पर सभी गर्भवती माताओं को व्यायाम, प्राणायाम भी सिखाए गए तथा गायत्री मंत्र लेखन की पुस्तकें भी निशुल्क वितरित की गई। शांति पाठ के बाद प्रसाद प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 

शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन एवं जिला गायत्री परिवार ट्रस्ट शिवपुरी के तत्ववाधान में आयोजित इस पुंसवन संस्कार कार्यक्रम से पूर्व ग्राम बमरा एवं खजूरी में भी ऐसे आयोजन किये जा चुके हैं। 
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