आज का पंचांग और शिक्षक दिवस की कहानी

शिवपुरी। हर साल 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस (Teacher's Day) मनाया जाता है। ये दिन है, जब आप उन लोगों के प्रति अपना प्यार और सम्मान दर्शाते हैं, जिनसे आपको जीवन में कुछ खास सीखने को मिला है। ये स्कूल टीचर से लेकर, कॉलेज प्रोफेसर तक, ट्रेनर से लेकर कोच तक कोई भी किसी भी क्षेत्र का हो सकता है।

 इस दिन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन होता है। उनका जन्मदिन भारत में टीचर्स डे के तौर पर ही मनाया जाता है।सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक थे। 

राजनीति में आने से पहले डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक सम्मानित अकादमिक थे। वह कई कॉलेजों में प्रोफेसर थे। वे ऑक्सफर्ड विश्वविद्यालय में 1936 से 1952 तक प्राध्यापक रहे। कलकत्ता विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले जॉर्ज पंचम कॉलेज के प्रोफेसर के रूप में 1937 से 1941 तक कार्य किया।

 1946 में युनेस्को में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दिन शिक्षक दिवस बनाए जाने की कहानी यह है कि भारत का राष्ट्रपति होने के बाद उनके कुछ दोस्तों और शिष्यों ने उनसे उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति देने के लिए कहा। 

इस पर उन्होंने कहा कि मेरे जन्मदिन का जश्न मनाने की बजाय, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे गर्व महसूस होगा। तब से उनके जन्मदिन को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। हर देश में शिक्षक दिवस अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है। जैसे- चीन में ये 10 सितंबर को मनाया जाता है। वहीं पाकिस्तान में 5 अक्टूबर को टीचर्स डे मनाया जाता है। 
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