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वनकर्मियो का धरना प्रर्दशन: कर्मचायिो से अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले रेंजर के खिलाफ कार्रवाई हो

शिवपुरी ब्यूरो। म.प्र. वन कर्मचारी संघ एवं स्थाई कर्मी संघ द्वारा आज वन विद्यालय के सामने एक दिवसीय धरना देकर विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन मुख्य वन संरक्षक वन वृत्त शिवपुरी को दिया गया। ज्ञापन में बताया गया कि वन परिक्षेत्र अधिकारी शिवपुरी इंदर सिंह धाकड द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को वेतनए भत्ते, ऐरियर, आदि का भुगतान करने एवं अभद्र भाषा का प्रयोग कर धमकाने की बात कहीं गई हैं। न्याया मांग पत्र में जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद ग्वाल, चन्द्रशेखर शर्मा, धर्मेन्द्र शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा जॉली द्वारा मुख्य वन संरक्षक को 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जिसमें विभागीय हड़ताल पर रहे स्थाई कर्मचारियों से फार्म भरवाये गए, हड़ताल समाप्ति बाद फार्म न भरने वाले कर्मचारियों का वेतन भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया।

शासन के आदेशानुसार सातवे वेतनमान का ऐरियर एवं अन्य ऐरियर के नाम पर 1000 रूपए से 2000 रूपए कोषालय के नाम पर वसूले जा रहे हैं जो कर्मचारी दे रहे हैं उन्हीं का ऐरियर भुगतान किया जा रहा हैं। हड़ताल में शामिल कर्मचारियों से पैसे ले देकर उनका वेतन भुगतान किया गया हैं। 

वन परिक्षेत्र शिवपुरी ईमानदारए मेहनती स्थाई कर्मियों में गोपाल सैन, गुड्डू रजक, ख्यालीचंद कुशवाह, भरोसी स्वीपर, बादामी कुशवाह, बनवारी सेन, लालाराम बाथम, शकील खांन, बीपी, तिवारी आदि कई अन्य कर्मचारियों का वेतन काम ड्यूटी करने के बाद भी वेतन काटा गया है जबकि माधव राष्ट्रीय उद्यान शिवपुरी में काम करने वाले कर्मचारी दौलत रजक एवं महेश शिवहरे स्थाईकर्मी को वेतन दिया गया है। 

उपरोक्त सभी कर्मचारियों को वेतन भुगतान दिलाया जाए। दंगल सिंह मौर्य वरिष्ठ वनरक्षक वन परिक्षेत्र शिवपुरी का ऐरियर भुगतान करने के लिए कम्प्यूटर ऑपरेटर सुनील उर्फ बंटी द्वारा एक हजार रूपए लिए गए हैं उपरोक्त वनरक्षक इस संबंध में अपना बयान दर्ज कराना चाहते हैं उसके बयान दर्ज किए जायें। 

परिक्षेत्र सहायक भगवत स्वरूप कोठारी ने बताया कि वन परिक्षेत्र द्वारा 16 अगस्त को फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया जो कि उचित नहीं हैं उसके भी बयान दर्ज किए जायें। वहीं वृत्त अंतर्गत सभी स्थायी कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका बनाइ जाए। शिवपुरी स्थित वनमंडल एवं माधव राष्ट्रीय उद्यान अंतर्गत स्थायी कर्मचारियों का वेतन अंतर की राशि का भुगतान जो दो वर्षो से लम्बित हैं, शासन आदेशानुसार शीघ्र किया जाए। उपरोक्त गंभीर समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की हैं।