पड़ारखेडा रेलवे स्टेशन: पहले डाकुओं ने बंद करा दिया था अब बिजली कंपनी कराएगी | shivpuri news

शिवपुरी। डकैत दयाराम रामबाबू गड़रिया गिरोह के आतंक और उसके द्वारा रेलवे इंजीनियर सहित गैंगमैन का अपहरण करने के बाद 10 साल बंद रहा पाडरखेडा रेलवे स्टेशन 26 जनवरी को जैसे तैसे शुरू हो पाया है। इसके बाद यहां से रेलों की क्रॉसिंग सहजता से होने लगी है, जिससे आवागमन में फर्क आया है। यात्री गाडियां ठीक समय पर चल पा रही हैं, लेकिन पाडरखेडा पर ग्रामीण फीडर से सप्लाई होने के चलते बमुश्किल पांच घंटे बिजली मिल रही है, जिसके नतीजे में स्टेशन पर तैनात स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है। 

यहां तक कि बिजली न होने पर स्टाफ के लिए पंखा तक नहीं चल पाता। एक मात्र सीएफएल से काम चलाना पडता है। यही हालात रहे तो यह स्टेशन एक बार फिर बंद हो सकता है। नतीजे में बिजली विभाग की गलती का खामियाजा रेल यात्रियों को भुगतना पडेगा।

रेलवे ने जून में जमा कराए थे 5 लाख 36 हजार
रेल महकमे ने स्टेशन तैयार होने के बावजूद कई महीने तक स्टेशन का संचालन शुरू नहीं किया था, क्योंकि यहां ग्रामीण फीडर से बिजली के हाल बुरे हैं। 4 से 5 घंटे ही बिजली मिलती है। इस कारण देरी हुई तो रेल महकमे को बिजली कंपनी के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि वह एक महीने में ही स्थाई रूप से बिजली कनेक्शन शहरी फीडर से दे देगाए लेकिन तीन महीने बाद भी हालात जस के तस हैं। बिजली महकमा 5 लाख 36 हजार रुपए रेल महकमे द्वारा जमा कराने के बावजूद कनेक्शन नहीं दे सका है।

नई लाइन बिछाकर डीपी लगानी है
बिजली कंपनी ने जो एस्टीमेट रेल महकमे को दिया थाए उसके अनुसार उसे नई लाइन बिछाकर डीपी लगानी थीए जिससे स्टेशन पर 24 घंटे बिजली मौजूद रहतीए लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब तक कनेक्शन नहीं दिया गया है।

यह स्टाफ है स्टेशन पर तैनात
पाडरखेड़ा स्टेशन पर इस समय दो स्टेशन मास्टरए दो प्वाइंट मैन सहित दो आरपीएफ के जवान तैनात रहते हैं। इन सभी को बिजली गुल होने के बाद भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्टेशन प्रबंधक आरजी मीणा के अनुसार स्टेशन पर गर्मी के समय में परेशानी होती है। पंखा तक नहीं चलता। इन दिनों उमस ज्यादा है। मच्छर भी अधिक हैं। ऐसे में स्टाफ बीमार पड़ सकता है।

4 मालगाड़ी 10 सवारी गाड़ी हर दिन
शिवपुरी ग्वालियर के बीच प्रतिदिन 4 मालगाड़ी और 10 यात्री गाड़ी चलती हैं। इनके आवागमन में पाडरखेड़ा स्टेशन अहम रोल अदा करता है। यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार न हुआ तो यह स्टेशन बंद हो सकता है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

क्रॉसिंग में होगी परेशानी
पाडरखेडा स्टेशन को क्रॉसिंग के लिए रखा गया है। पहले मोहना पर क्रॉसिंग होती थी और शिवपुरी से मोहना के बीच कोई क्रॉसिंग न होने के कारण यात्री गाड़ियां लेट होती थीं। यही कारण था कि जनता की मांग के बाद इस पाडरखेड़ा स्टेशन को दोबारा से शुरू किया गयाए जिससे यात्री गाड़ियों की क्रॉसिंग में समय न लगे। यदि स्टेशन बंद होता है तो क्रॉसिंग में परेशानी होगी।

अपहरण के बाद बंद हुआ था स्टेशन
रेलवे के इंजीनियर सहित गैंगमैन के अपहरण के बाद पाडरखेड़ा स्टेशन को बंद कर दिया गया था। दस्यु समस्या के चलते एक स्पेशल ट्रेन भी यात्रियों की सुरक्षा के लिए यहां चलाई गई थीए जो यात्री गाडियों के पीछे चलती थी, जिसमें सशस्त्र जवान तैनात रहते थे।

चेंबर ने भी लिखा पत्र
चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव विष्णु अग्रवाल ने भी पाडरखेडा पर बिजली परेशानी दूर करने के लिए स्थाई कनेक्शन देने के लिए पत्र बिजली कंपनी को लिखा है। उनका कहना है कि आश्वासन के बाद स्टेशन शुरू हुआए जिससे यातायात सुगम हुआ हैए लेकिन बिजली नहीं रहतीए जिसके नतीजे में स्टाफ को भारी परेशानी उठानी पड रही है। ऐसा न हो कि एक बार फिर से बिजली की कमी से स्टेशन बंद हो जाए। यदि ऐसा हुआ तो यात्रियों को परेशानी होगी।

यह बोले अधिकारी
पाडखेड़ा रेलवे स्टेशन के लिए जून महीने में ही 5 लाख 36 हजार रुपए बिजली कंपनी को जमा करा दिए हैंं लेकिन आज तक कनेक्शन नहीं मिला है। स्टेशन के संचालन में परेशानी हो रही है। स्टाफ  लगातार शिकायत दर्ज करा रहा है।
आरजी मीणा, स्टेशन प्रबंधक शिवपुरी।

रेल महकमें को एस्टीमेट बनाकर दिया था। अब इस मामले में क्या स्टेटस है। यह मैं देखकर ही कह पाऊंगा। हालांकि रेल महकमे के 5 लाख 36 हजार रुपए जमा हैं। कनेक्शन जल्द ही कराएंगे।
आरके अग्रवाल एसई बिजली कंपनी शिवपुरी।
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