डेंगू का डंक: हाथीखाने में मिला डेंगू पॉजिटिव, स्वास्थ्य महकमें की आंखे बंद

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शिवपुरी। जिले में डेंगू अब पैर पसारता जा रहा है और प्रशासन इस ओर से आंख मूंदे बैठा हुआ है। अब तक डेंगू के चार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही हाथीखाना क्षेत्र में डेंगू का एक और सामने आने से शहर में डेंगू का डर व्याप्त हो गया है। जिला चिकित्सालय में डेंगू और उपचार और परीक्षण के लिए कोई माकूल इंतजाम नजर नहीं आ रहे। अभी स्थिति यह है कि इतने प्रकरण सामने आने के बावजूद जिला चिकित्सालय में डेंगू के उपचार के लिए आईलोशन वार्ड की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। हाथीखाना निवासी बृजेन्द्र सिंह भदौरिया के 14 वर्षीय पुत्र यौवांजय को डेंगू रिपोर्ट किया गया है। 

इस बालक का उपचार उसके परिजन ग्वालियर करा रहे हैं क्योंकि शिवपुरी में उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे पूर्व भी डेंगू के जो मामले जिले में सामने आए उनमें भी लोगों ने जिले से बाहर उपचार का रास्ता पकड़ा। शहर के स्कूलों में जल भराव की स्थिति के  दृष्टिगत डेंगू का लार्बा पनप रहा है और स्कूलों में सर्वाधिक खतरा एडीज मच्छर के प्रकोप का है जिसका शिकार मासूम बच्चे हो रहे हैं। 

स्कूलों में न तो दवा का छिडक़ाव हो रहा और न लार्वा के विनिष्टीकरण के कोई प्रयास सामने आ रहे हैं। प्रशासन नींद में हैं, यहाँ बता दें कि पिछले दो तीन वर्षों से डेंगू यहाँ कहर बरपाता रहा है करैरा के झण्डा गाँव में तो तमाम मौतें इसी डेंगू के प्रकोप से पिछले समय हो चुकी हैं। 

इन सबके बावजूद प्रशासन का इस प्रकार चुप्पी साधे रहना अपने आप में बड़ी त्रासदी को निमंत्रण देने जैसा है। यदि एक बार हालात काबू से बाहर हुए तो संम्भालना मुश्किल पड़ जाएगा। जिला अस्पताल में डेंगू की पुष्टि से चिकित्सक इसलिए हाथ खड़े कर रहे हैं क्योंकि जो भी मामले सामने आ रहे हैं वे शहर से बाहर जाकर उपचाररत हैं। 
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