ads

Shivpuri Samachar

Bhopal Samachar

shivpurisamachar.com

ads

नेतागिरी में डूब गई सिंध जलावर्धन योजना: कंपनी टर्मिनेट के विरूद्व BANK स्टे ले आया

शिवपुरी। शहर के प्यासे कंठो की प्यास बुझाने वाली सिंध जलावर्धन योजना पर अब संकट के बादल मंडरा रहे है। अब यह योजना नपा की नेतागिरी के कारण न्यायालय में उलझ गई हैं। इस प्रोजेक्ट को डूबाने वाली खबर आ रही है कि दोशियान को नगर पलिका शिवपुरी द्वारा टर्मिनेट करने के बाद इस योजना पर काम कर रही दोशियान कंपनी को फायनेंस कर रहा अमहदाबाद का देना बैंक न्यायालय चला गया और उसने दोशियान के टर्मिनेट के विरूद्व स्टे ले लिया हैं। बताया जा रहा है कि स्टे की कॉपी शिवपुरी नगर पालिका के पास भी आ पहुंची हैं। 

जैसा कि विदित है कि इस योजना को शुरू हुए 9 साल हो चुके काफी उतार-चढाव, धरना, आंदोलन के बाद इस योजना ने शहर के दरवाजे तक पानी ला दिया। लेकिन इसके बाद पाईपों को बदले जाने के विवाद के कारण नपा ने जनप्रतिनिधियों ने नगर पालिका की परिषद का विशेष सम्मेलन बुलाकर इस कंपनी का टर्मिनेट कर दिया। टर्मिनेट होते ही इस योजना पर संकट पर बादल मंडराने लगे हैं। शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने तत्काल इस मामले का खुलासा किया था कि नगर पालिका को इस कंपनी को टर्मिनेट करने का अधिकार ही नही हैं। कंपनी नपा की पार्टनर हैं और पार्टनर को ऐसे टर्मिनेट नही किया जा सकता है। 

CMO राय अहमदाबाद में
देना बैंक को स्टे मिलने के बाद नवागत सीएमओ सीपी राय अहमदाबाद में देना बैंक के स्टे के विरूद्व जबाब देने के लिए डेरा डाल दिया हैं। बताया जा रहा है कि 28 अगस्त को न्यायालय में इसका जबाब देना हैं। 

इस ग्राउंड पर मिला देना BANK को स्टे 
इस योजना पर काम कर रहीे देाशियान कंपनी को टर्मिनेट करने का नोटिस दिए जाने के  बाद इस प्रोजेक्ट मेे लगी दोशियान की बैंक गारंटी की रााशि को राजसात करने के लिए नपा शिवपुरी ने प्रयास शुरू किए। जिसके चलते पूर्व प्रभारी सीएमओ जीपी भार्गव अहमदाबाद देना बैंक गए लेकिन देना बैंक ने अपत्ति दर्ज कराते हुए अहमदाबाद के न्यायालय में चली गई। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए दोशियान कंपनी को देना बैंक ने फायनेंस किया हैं। अब वह इस प्रोजेक्ट की थर्ड पार्टनर है। इस प्रोजेक्ट के अनुबंध में नपा ने यह शर्त मानी है कि दोशियान को सीधे पैसा न देकर बैंक के माध्यम से दिया जाए। 

इससे पूर्व भी नपा अपनी शर्त तोड चुकी है, जब कंपनी शिवपुरी का काम छोडकर भाग गई थी तब यह योजना का काम पूर्ण रूक गया था। शहर में धराना आंदोलन होने लगे ओर इस कंपनी के पेटी कॉन्ट्रेक्टर पैसा ने मिलने का रोना रो रहे थे, तब तत्कालिन कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने एक नया एग्रीमेंट शिवपुरी में तैयार करवाया था कि दोशियान को पैसा न देते हुए पेटी कांट्रेक्टर को पैसा देंगें। दोशियान इस समय देना बैंक का रूपया वापस तो छोड़ो ब्याज भी नही दे पा रही है। इन ग्राउंडो पर देना बैंक को न्यायालय ने स्टे दिया हैं। 
Share on Google Plus

About Bhopal Samachar

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.