हडताल से हो गई वेतन की टेंशन, 10 अगस्त तक आएगी सेलेरी | Shivpuri

शिवपुरी। पिछले दिनो से जिले के लिपिक अनिश्चितकालीन कलमबंद हडताल पर बैठे थे। अब हड़ताल समाप्ती घोषणा हो गई। इस हड़ताल के कारण सरकारी काम तो चौपट हो ही गया था,लेकिन इस हडताल ने सरकारी सभी कर्मचारियो और अधिकारियों को वेतन की टेंशन तो दी है। अभी वेतन के बिल नही बने है। इससे बेतन लेट हो गया है। अब उम्मीद की जा रही है कि 10 तारिख तक वेतन आ सकती है। जैसा कि विदित है कि  जिले में 63 विभागों के 600 लिपिक अपनी मांगों को लेकर पिछले 15 दिनों से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर रहे। अब हड़ताल खत्म होने के बाद भी वेतन आने में तीन से चार दिन लग सकते हैं। मालूम हो कि अब तक पुलिस और न्यायालय के कर्मचारियों के बिल आए हैं। 

26 तक जमा होते हैं बिल तब 1 को मिलता है वेतन 
हर माह विभिन्न विभागों के बिल 25 से 26 तारीख तक जमा हो जाते हैं। इसके बाद वेतन एक से पांच तारीख तक निकलता है। हालांकि ऑनलाइन काम होने की वजह से विभागों में भी बाबुओं को एक से दो दिन ही वेतन बिल तैयार करने में लगते हैं। हड़ताल से इस बार वेतन बिलों पर हस्ताक्षर करने वाले आहरण अधिकारियों को भी वेतन देरी से मिलेगा।  

इस महीने लगना था इंक्रीमेंट 
जिलेभर के स्थायी कर्मचारी व संविदा, अस्थाई, अध्यापक सहित अन्य कर्मचारियों को 1 से 2 प्रतिशत इंक्रीमेंट लगना था। जुलाई माह में लगने वाला यह इंक्रीमेंट बाबुओं की हड़ताल की वजह से वेतन के साथ अटक गया। अब नए सिरे से कर्मचारियों के लिए बिल बनाने होंगे। तब कहीं जाकर इंक्रीमेंट का भुगतान हो सकेगा। 

हम भी फ्री बैठे हैं
हड़ताल से पिछले एक सप्ताह से हम भी फ्री बैठे हैं। दो विभागों के बिल आए हैं, जिसे पास कर दिया है। बाकी बिल मिलते ही सैलरी बिल पास कर दिए जाएंगे। 
एमएल नोटिया, जिला कोषालय अधिकारी 

हमारी मांगे नही मानी तो अब होना आमरण अनशन 
हम हड़ताल पर थे। वेतन के वाउचर तो हमारे भी नहीं तो बने दूसरे कर्मचाारियों के कैसे बनते। फिलहाल ह?ताल स्थगित हो गई है। शासन को हमारी मांगों को मानने के लिए 15 दिन का समय दिया है। यदि 22 अगस्त तक हमारी मांगें नहीं मानी जाएंगी तो 23 अगस्त से प्रांत अध्यक्ष सहित लिपिक आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। 
बीएल गोयल, कार्यवाहक अध्यक्ष लिपिक वर्ग
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