अवर्षा में भी किसान ने किया अपनी मेहनत और नई TECHNIQUE से चमत्कार, रिकार्ड तोड उत्पादन

0
शिवपुरी: जिले में गतवर्ष कम वर्षा होने के बावजूद भी कृषकों ने बोनी की रेज्डवेड विधि अपनाकर सोयाबीन एवं उड़द का अधिक उत्पादन लिया है। कृषि में उन्नत एवं आधुनिक कृषि यंत्रों को बढ़ावा देने हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित कृषि शक्ति योजना के अंतर्गत यंत्रदूत ग्राम कार्यक्रम का लाभ लेकर जिले के रामनगर के कृषक श्री अखेय सिंह पुत्र खच्चू परिहार ने अनुदान पर रेज्डवेड प्लांटर मशीन खरीदी और रेज्डवेड विधि से उड़द की बोनी की। कृषक श्री अखेह द्वारा कम वर्षा के बावजूद भी 2.60 क्विंटल प्रति बीघा के मान से उड़द का उत्पादन हुआ। जबकि इनके आसपास के किसानों द्वारा इस विधि से उड़द न बोने पर 1.50 क्विंटल प्रति बीघा ही उत्पादन हुआ। 

इसी प्रकार इस गांव के कृषक सरदार सिंह पुत्र बाबूलाल रावत ने भी रेज्डवेड विधि से अपने खेतों में सोयाबीन बोई और उन्हें 3.2 क्विंटल प्रतिबीघा सोयाबीन का उत्पादन मिला। अन्य कृषकों ने इस यंत्र के प्रयोग किए बिना एक से दो क्विंटन प्रतिबीघा सोयाबीन का ही उत्पादन मिला। साथ ही 15 किलो प्रति बीघा बीज की भी बचत हुई। 

कृषक श्री अखेह सिंह एवं सरदार सिंह ने बताया कि रेज्डवेड विधि से खरीफ  फसले बोने पर अधिक उत्पादन प्राप्त होता है। साथ ही खर्चों में भी कमी आती है। उन्होंने बताया कि रेज्डवेड उपकरण के माध्यम से खेतों में जमीन से उठी हुई क्यारियां बनाकर दो या तीन कतारों में बीज बोए जाते है, नाली के दोनों ओर 20 से 22 इंच तक चौड़ाई की क्यारी का निर्माण होता है। 

नाली सिंचाई और जल निकास का कार्य करती है। इस उपकरण से बोवनी करने पर फसलों पर सूखे और बाढ़ का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। यह उपकरण अंतरवर्ती फसल लेने हेतु उत्तम है। क्यारी भुरभुरी होती है और इस कारण अंकुरण का प्रतिशत तथा फसल का उत्पादन बेहतर होता है। रेज्डवेड प्लांटर से बोनी करने पर बीज, उर्वरक, पौध संरक्षण, रसायनों तथा सिंचाई जल की मात्रा में उल्लेखनीय कमी आती है। कतारों तथा पौधों की नियंत्रित दूरी के कारण खरपतबार नियंत्रण करना भी आसान होता है। 

कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा रेज्डवेड प्लांटर पर अलग-अलग वर्गों के किसानों को अनुदान दिया जाता है। जिसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति, लघु तथा महिला कृषकों को यंत्र की कुल कीमत का 50 प्रतिशत जबकि अन्य कृषकों को 40 प्रतिशत अनुदान साथ ही 20 हजार रूपए का अतिरिक्ति टॉपअप अनुदान दिया जाता है। 
Tags

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!