राजे का एक्शन मूड: अधिकारीयों की क्लास, शिला पट्टिका पर खुद का नाम न देख भडक़ गई

शिवपुरी। यशोधरा राजे बैसे तो अधिकारीयों और कर्मचारीयों पर शक्त लिहाजे के लिए हमेशा से ही जानी जाती है। परंतु आज यशोधरा राजे ने कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में अधिकारीयों की जमकर क्लास ली। कलेक्ट्रेट में आज कलेक्टर शिल्पा गुप्ता और एसपी सुनील कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में प्रदेश की खेल एवं युवक कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने अव्यवस्थाओं और मनमानी से खिन्न होकर कई अधिकारियों की क्लास ली। उनके आक्रोश का शिकार शिक्षा अधिकारी परमजीत सिंह गिल, आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी बीके माथुर, खनिज अधिकारी सोनल तोमर, बिजली अधिकारी विष्णुभूषण उपाध्याय, दूरसंचार टीडीएम और नगर पालिका के अधिकारी आरडी शर्मा तथा गोविन्द भार्गव रहे।

यशोधरा राजे ने कहा कि अफसरशाही की इस मनमानी का शिकार प्रदेश सरकार हो रही है। अधिकारी और कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र में नहीं जाते तथा वहां की जनता से उनका कोई सरोकार नहीं है। जनता को राहत देने के नाम पर नियम और कायदे बताए जाते हैं। उन्होंने नगर पालिका के यंत्री आरडी शर्मा को लताड़ा तथा कहा कि आपका जब सात दिन का वेतन कटेगा जब जनता के दर्द का अहसास होगा। बिजली विभाग के सहायक यंत्री विष्णुभूषण उपाध्याय को उन्होंने निर्देशित किया कि वह बैठक छोडक़र तुरंत नीम डांडा गांव जाएं और वहां चार दिन रहकर लाइट व्यवस्था ठीक करें। अधिकारियों के बैठक में न आने और समय पर न आने पर भी यशोधरा राजे ने खुलकर नाराजगी व्यक्त की। 

कल यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर गई थीं और उन्होंने ग्राम साजापुर में स्कूल भवन का लोकार्पण किया। इसी बीच उनकी नजर उस पट्टिका पर पड़ी जिसमें राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आदि के नाम लिखे हुए थे। बच्चों के सामान्य ज्ञान के लिए यह स्कूल के शिक्षा विभाग ने लिखवाए थे। पट्टिका पर शिक्षामंत्री और प्रभारी मंत्री का नाम भी लिखा हुआ था, लेकिन उसमें जिले की मंत्री और शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया का नाम नहीं था। 

बैठक में यशोधरा राजे ने शिक्षाधिकारी परमजीत सिंह गिल से नाराजगी भरे स्वर में कहा कि मैं 1998 से शिवपुरी की विधायक हूं और अपनी माँ राजमाता विजयाराजे सिंधिया के साथ 1989 से राजनीति में सक्रिय हूं। दो बार मंत्री रह चुकी हूं और अभी भी मंत्री हूं। इसके बाद भी मेरा नाम न होना यह मेरा अपमान है। उन्होंने कहा कि मैं सरदारों का सम्मान करती हूं, लेकिन जो मेरा सम्मान नहीं करता उसका मैं सम्मान नहीं करती। जवाब में शिक्षाधिकारी सफाई देते हुए और सॉरी बोलते हुए नजर आए। 

बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग का कोई मामला सामने आया तो यशोधरा राजे ने विभाग के अधिकारी के बारे में पूछा इस पर उन्हें बताया गया कि वह बैठक में नहीं आए हैं इसके बाद यशोधरा राजे ने निर्देशित किया कि अधिकारी बीके माथुर जो कि वन विभाग से प्रतिनियुक्ति पर आए हैं उन्हें उनके मूल विभाग में भेजा जाए। यशोधरा राजे को शिकायत थी कि कल खोड़ क्षेत्र के दौरे में उनके सामने यह खुलासा हुआ था कि सहरिया आदिवासी महिलाओं को प्रति माह एक हजार रूपये आज तक नहीं मिले हैं। कहीं पर खाता नहीं खुला तो कहीं पैसा नहीं मिला। खोड़ क्षेत्र में दूरसंचार व्यवस्था फेल होने पर जब यशोधरा राजे ने पूछा कि इस विभाग का अधिकारी कौन है तो  एसडीओ ने उठकर जवाब देना चाहा इस पर यशोधरा राजे ने पूछा टीडीएम बैठक में क्यों नहीं आए। जवाब आया कि वह दूरसंचार सलाहकार समिति की बैठक में हैं। 

इस जबाव से यशोधरा राजे का पारा और बढ़ गया और उन्होंने कहा कि मेरी बैठक ज्यादा महत्वपूर्ण है या दूरसंचार सलाहकार समिति की बैठक। बैठक के काफी देर बाद खनिज अधिकारी सोनम तोमर हड़बड़ाती हुईं आईं। यशोधरा राजे ने उनसे पूछा कि वह लेट क्यों आईं है जिस पर अधिकारी ने जवाब दिया कि कल मैं खजुराहो थीं और वहीं आ रही हूं। इस पर यशोधरा राजे ने कहा कि रात में कोई ट्रेन या बस नहीं थी। बैठक की सूचना बार-बार वाट्सऐप पर दी जा रही थी, लेकिन कोई गंभीरता से ही नहीं लेता। उन्होंने कहा कि शिवपुरी जिले में खनिज विभाग की बहुत शिकायतें आ रही हैं। 

धड़ल्ले से अवैध उत्खनन हो रहे हैं कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। आपको करोड़ों का जुर्माना करना था ताकि अवैध उत्खनन रूके। यशोधरा राजे ने एसपी को निर्देशित किया कि वह अवैध उत्खनन की रोकथाम में सहयोग प्रदान करें। यशोधरा राजे जल वितरण में नगर पालिका के रवैये से भी नाराज थीं। उनका कहना था कि प्रशासन द्वारा प्रायवेट टेंकरों की दर 300 रूपये फिक्स करने के बाद भी मनमानी कीमत में टेंकर बिक रहे हैं और नगर पालिका कुछ नहीं कर रही है।

बिजली अधिकारी को बैठक छोडक़र गांव में जाने को कहा
ग्रामीण क्षेत्र के दौरे में यशोधरा राजे के समक्ष कल स्पष्ट हुआ था कि अमरपुर नीम डांडा में बिजली नहीं है। इसी बात पर आज यशोधरा राजे ने बैठक में उपस्थित बिजली विभाग के सहायक यंत्री विष्णुभूषण उपाध्याय को आड़े हाथों लिया और उनसे कहा कि वह तुरंत गांव जाएं तथा चार दिन वहीं किसी घर में रहे और हर हालत में उन्हें गांव में चार दिन में बिजली चाहिए। यशोधरा राजे ने उन्हें निर्देशित किया कि वह बैठक छोडक़र गांव जाने की व्यवस्था करें। जब वह चार दिन गांव में रहेंगे तो उन्हें पता चलेगा कि ग्रामीण गर्मी में किस परेशानी में जीवन बिताते हैं। 
Share on Google Plus

About Bhopal Samachar

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

-----------

analytics