सीएम शिवराज सिंह ने 22 हजार बोटर पक्का करने मेधावी छात्रों को शासकीय खर्चें पर भोपाल बुलाया

सतेन्द्र उपाध्याय/शिवपुरी। बीते चार दिन पूर्व भोपाल में आयोजित मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर लेपटॉॅप देने शिवराज सिंह चौहान ने छात्रों को भोपाल बुलाया। परंतु यह क्या भोपाल पहुंचे मेधावी छात्र-छात्राएं भोपाल से खाली हाथ लौट आए। यहां सीएम शिवराज सिंह चौहान ने छात्रों को लेपटॉप तो नहीं अपितु अपने भाषण सुनाकर चलता कर दिया। बैसे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाषण सुनाने के शौकीन हैै। परंतु इस तरह शासकीय खजाने को सेंध लगाकर अपने बोट पक्का करने बाले सीएम शिवराज सिंह यह भूल गए कि उनके इस निर्णय से यह बोटर उनसे दूर भी हो सकते है। 

विदित हो कि बीते दिनों भोपाल में आयोजित मेधावी छात्रों को सम्मानित करने सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भूरे प्रदेश से मेधावी छात्रों को भोपाल बुलाया। इन छात्रों को बुलाने के लिए प्रत्येक जिले से इस भीषण गर्मी में शिक्षा विभाग ने एसी बसों का इंतजाम कर भोपाल लेकर पहुंचे। भोपाल पहुंचकर छात्र-छात्राएं उत्साहित थे कि वह भोपाल आए हैै और जब घर लौटकर जाएगे तो वह अपने साथ अपना खुद का लेपटॉप लेकर जाएगे। 

परंतु भोपाल में जो हुआ वह सोचनीच है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पूरे प्रदेश से 22 हजार छात्रों को भोपाल तो बुला लिया। परंतु छात्रों को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सबसे पहले तो शुभकामनाएं दी। उसके बाद छात्रों को भाजपा के पक्ष मे मतदान करने के लिए लुभावने भाषण देना प्रारंभ कर दिए। यहां बता दे कि कक्षा 12 के छात्र नए-नए बोटर होते है। जो 18 साल की उम्र पर आकर बोट देने के हकदार होते है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इन बोटरों को अपने पक्ष में लेने के लिए अपने भाषण सुनाए। 

यहां सीएम शिवराज सिंह चौहान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पहले तो शासन नेे छात्रों को लेपटॉप देने का प्रोगाम तय किया था। जिसके चलते उक्त कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया। उसके बाद फिर डिसाईड किया गया कि इन मेधावी छात्रों को लेपटॉप न देते हुए उनके खाते में 25 हजार रूपए डाल दिए गए है। जब उक्त रूपए खाते में ही ट्रांसफर करने थे तो फिर छात्रों को शासकीय खर्चे पर क्यों भोपाल बुलाया गया। 
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