गढ़कुंडा के कारीगर karera किले को 500 साल पुराने लुक देने में जुटे

करैरा। जिले के करैरा अनुविभाग मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक किले का इन दिनों जीर्णोद्धार कार्य तेज गति से चल रहा है और अब तक चार माह में करीब 50 प्रतिशत काम हो चुका है। यह किलो पिछले लंबे समय से उपेक्षा का शिकार बना हुआ था और जीर्ण-शीर्ण होने लगा था। इस संबंध्ा में नईदुनिया द्वारा कई बार भी खबर का प्रकाशन कर किले की स्थिति के बारे में अवगत करवाया गया। जिस पर इस ऐतिहासिक किले का जीर्णोद्धार कार्य शुरू हुआ। किले में लगभग 50 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है। जीर्णोद्धार का कार्य गढ़कुंडा के कारीगरों द्वारा किया जा रहा है। वहीं पर्यटक भी किले को देखने आने लगे हैं। काम पूरा होते ही यहां पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

किले का जीर्णोद्धार कार्य संभालने वाली ग्वालियर की शिवशक्ति कंसट्रक्टशन कंपनी के तकनीकी अधिकारियों के मुताबिक किले का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने के पश्चात यह किला फिर से 500 साल पुरानी रंगत में लौट आएगा। जिससे यहां पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा। किले के जीर्णोद्धार कार्य में गढ़कुंडार के विशेष कारीगर लगाए गए हैं जो किले की दीवारों, मुख्य द्वार, गेट को नया लुक दे रहे हैं। किले के जीर्णोद्धार कार्य के प्रथम चरण में करीब एक करोड़ का बजट खर्च होगा। इसके पूर्ण होने के बाद ही द्वितीय चरण का कार्य शुरू होगा। 

गौरतलब है कि करैरा का ऐतिहासिक किला बीते काफी समय से उपेक्षा का शिकार था। जीर्णोद्धार के अभाव में अपनी रौनक खोता जा रहा था और जीर्णशीर्ण हालत में पहुंचने की कगार पर था। लेकिन समय रहते जनप्रतिनिधियों की रुचि के चलते पुरातत्व विभाग ने इसकी सुध ले ली और जीर्णोद्धार कराए जाने की मंशा बनाई। 
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इन स्थानों पर चल रहा है काम

घरियाली मोहल्ला से किले को जाने वाले मैन रास्ते का लेवलीकरण व फर्शी पत्थर बिछाने का काम। मेन गेट की मरम्मत, हनुमानजी के मंदिर के सामने बने दल्लान बैठक का निर्माण, चारों तरफ  मीनारों की मरम्मत। मंदिर मस्जिद मजार को जाने वाले रास्ते पर पत्थर फर्शी  बिछाई जा रही है। 
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हमारे करैरा दुर्ग के पुरातत्व विभाग में शामिल हो जाने से यह पर्यटन की दृष्टि से एक बहुत अच्छा दुर्ग साबित होगा। खास बात यह है कि इस जैसा दुर्ग आसपास कहीं भी मौजूद नहीं है। इस दुर्ग के  जीर्णद्धार होने से करैरा की पहचान बनेगी ।
सोनू भारती दुबे, नागरिक व वार्ड पार्षद 

इनका कहना है
करैरा में स्थित किले का जीर्णोद्धार कार्य शुरू हो गया है। पहले चरण के कार्य में करीब एक करोड़ रुपए का खर्च आएगा। जीर्णोद्धार का पूरा कार्य ग्वालियर की शिवशक्ति कंसट्रक्शन कंपनी कर रही है। जीर्णोद्धार के पश्चात यह किला फिर से पुरानी रंगत में दिखाई देगा। जिससे पर्यटकों अपने आप खिंचे चले जाएंगे। 
शोभाराम वर्मा, डिप्टी डायरेक्टर

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