हर गरीब को जमीन दी जाएगी, सरकारी खत्म हुई तो खरीदकर दी जाएगी: शिवराज सिंह

शिवपुरी। आज जिले के पोहरी में आयोजित तेंदुपत्ता संग्राहकों के सम्मेलन को संबोधित करने आए मुख्यमंत्री ने एक के बाद एक घोषणाओं का पिटारा आम पब्लिक के लिए खोल दिया। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में पैदा होने वाले प्रत्येक गरीब को जमीन के टुकड़े का मालिक बनाया जाएगा। इसके लिए सभी गरीबों को पट्टे प्रदाय किए जाएगे। आवश्यकता होने पर गरीब परिवारों को जमीन खरीदकर भी दी जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में कानून भी बना दिया है। 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज शिवपुरी जिले के तहसील पोहरी मुख्यालय पर आयोजित असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं तेंदूपत्ता संग्राहको के संयुक्त सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस मौके पर पोहरी को नगर पंचायत बनाए जाने और पोहरी नलजल योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकूला मध्यम सिंचाई योजना की स्वीकृत हो गई है और वरकेश्वर परियोजना का तकनीकी परीक्षण कराए जाएगें। 

मुख्यमंत्री ने इस दौरान शिवपुरी जिले के 14 हजार 499 तेंदूपत्ता संग्राहकों को पानी की बोतल एवं चरण पादुकाए तथा 6 हजार 818 महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों को साड़ी प्रदाय की। उन्होंने 2 करोड़ 13 लाख की राशि तेंदूपत्ता बोनस के रूप में संग्राहकों के खाते में जमा की। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में श्योपुर जिले के 46 हजार 930 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 91.33 लाख रूपए की बोनस राशि एवं चरण पादुकाओं का वितरण किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं खान मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने की। सम्मेलन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं जिले के प्रभारी रूस्तम सिंह, श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, मुरैना श्योपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनूप मिश्रा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां प्रदेश में रहने वाले सभी वर्गो के गरीब परिवारों को एक रूपए किलो गेहूं, चावल एवं नमक प्रदाय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रहने वाले गरीबों का अधिक से अधिक कल्याण हो, उनके कल्याण की संपूर्ण योजना बनाए जाने हेतु मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना (सम्बल) शुरू की है। इस योजना के तहत प्रदेश में रहने वाले उन सभी गरीब परिवारों को लाभांवित किया जाएगा, जो शासकीय सेवा में नहीं है, जिनके पास ढाई एकड़ से कम भूमि है और वे आयकरदाता नहीं है। योजना का लाभ लेने हेतु स्वयं हितग्राही को सादे कागज पर आवेदन करना होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ लेने हेतु 7 लाख से अधिक हितग्राहियों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। 

श्रमिकों को लाभांवित करने हेतु 13 जून से जनपद स्तरों पर कार्यक्रम होंगे

श्री चौहान ने कहा कि योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को लाभांवित करने हेतु जनपद पंचायत स्तरों पर 13 जून को कार्यक्रम आयोजित कर हितग्राहियों को लाभांवित किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन एवं देखरेख हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर पांच सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। जिसमें महिला सदस्य भी रहेंगी।

इसी योजना के तहत गरीबो के कल्याण हेतु राशि की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरणपादुका योजना के तहत जूते-चप्पल, पीने के पानी के लिए कुप्पी, महिलाओं के लिए साड़ी प्रदाय की जा रही है। प्रदेश में किसानों को गेहूं का वाजिव दाम मिले। इसके लिए 1735 रूपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। प्रत्येक क्विंटल पर 265 रूपए की राशि बोनस के रूप राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। इसी प्रकार किसान का गेहूं 2 हजार रूपए प्रति क्विंटल के नीचे नहीं खरीदा जाएगा।

उन्होंने कहा कि चना, मसूर एवं सरसों पर भी सौ रूपए प्रति क्विंटल की अतिरिक्त राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को पंचायतों एवं नगरीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदाय किया गया है। सरकारी नौकरियों में 50 प्रतिशत और पुलिस में भी 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए भी रिजर्व रखे गए है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी वर्गों के गरीब बच्चों की कक्षा 1 से लेकर कॉलेज तक 8 लाख तक की राशि की फीस राज्य सरकार भरेंगी। 

आयुष्मान योजना के तहत गरीबों को नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। सभी गरीब परिवारों को मीटर के स्थान पर 200 रूपए प्रति माह बिजली बिल के रूप में देने होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे श्रमिक जिनकी आयु 60 वर्ष से कम है, उनकी असमायिक मृत्यु होने पर 2 लाख रूपए की राशि और दुर्घटना होने पर 4 लाख रूपए की राशि मृतक के परिजन को आर्थिक सहायता के रूप में दी जाएगी।  

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं खान मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में रहने वाले गरीब सम्मान एवं इज्जत के साथ जी सके, इसके लिए तेंदूपत्ता तोडऩे वाले संग्राहकों को बोनस देने के साथ-साथ चरण पादुका योजना में जूते, चप्पल, पानी का थरमस एवं महिलाओं को साड़ी प्रदाय की जा रही है। जिससे तेंदूपत्ता एवं वनोपज संग्राहक करने वाले श्रमिक नंगे पैर जंगलों में न जा सके। उन्होंने कहा कि सहरिया परिवार को कुपोषण से मुक्ति दिलाने हेतु राज्य सरकार ने प्रत्येक सहरिया परिवार को एक हजार रूपए की राशि प्रदाय की जा रही है। यह राशि इन परिवारों के लिए कुपोषण की दिशा में काफी मददगार साबित हो रही है। 

इस मौके पर पोहरी विधायक प्रहलाद भारती, विधायक श्योपुर दुर्गालाल विजय, मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजू बाथम, प्रदेश के किसान कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रणवीर रावत, पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन, ओमप्रकाश खटीक, नरेन्द्र बिरथरे, रमेश खटीक, वीरेन्द्र रघुवंशी, बाबूलाल मेबरा, ग्वालियर संभागायुक्त बी.एम.शर्मा, चंबल संभागायुक्त  एम.के.अग्रवाल, आई.जी.ग्वालियर आयुष्मान सिंह यादव, कलेक्टर  तरूण राठी, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डे सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 
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