आरक्षण के विरोध में बिना दवाब पूरा जिला बंद रहा

शिवपुरी। जातिवादी आरक्षण के विरोध और सुप्रीम कोर्ट के समर्थन में भारत बंद में शिवपुरी के व्यापरियों ने भी अपने प्रतिष्ठान बंद रख समर्थन दिया। इस बंद में कोई भी संगठन बाजार बंद कराने के लिए आगे नही आया और न ही किसी ने दुकाने बंद कराने के लिए दबाव बनाया। इसके बाद भी शिवपुरी शहर पूरी तरह से बंद रहा। शाम के बाद इस बंद को भगवान इंद्रदेव ने भी झमाझम बारिश कर बंद को समर्थन दिया। 

जिला प्रशासन की ओर से बाजार को खुला रखने की छूट दी गई थी। खुद कलेक्टर और एसपी ने कहा था कि बाजार खुले रहेंगे सिर्फ  शिक्षण संस्थाओं की छुट्टी रहेगी। जिला प्रशासन की अपील का व्यापरियों पर कोई असर नहीं पड़ा। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल और कॉलेज बंद रख दिए थे।  पुलिस ने शहर में 500 पुलिस जवानों को तैनात किया था जिसके चलते शहर में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम चाक चौबंद रहे। 

शहर के व्यापरियो ने  इस बंद को समर्थन दिया। बस स्टैंड पर बसें भी न के बराबर चली। शहर के छोटे से बडे होटल सभी बंद रहे। देर शाम तक नास्ते और चाट वाले ठेले नजर आए। शिवपुरी शहर के 3 किमी के दायरे में सभी बंद शाम तक बंद रहे। कुल मिलाकर शिवपुरी शहर ने बंद को समर्थन दिया।

यह रहा तहसीलों का हाल 
कोलारस नगर में बाजार पूरी तरह से खला रहा, लेकिन बाजार से ग्राहक गायब रहे। 
बदरवास में बाजार पूरी से तरह से बंद रहे। 
करैरा नगर का बाजार सुबह से लेकर शाम तक बंद रहा। 
पुलिस टीमे लगातार भ्रमण करती रही। 
नरवर नगर भी मिला-जुला बंद रहा। 
पोहरी का पूरा बाजार बदं रहा।  इक्का-दुक्का दुकानो के आधे शटर खुल रहे जो कि किसी भी अप्रिय स्थिती में दुकान तत्काल बंद की जा सके। 
बैराड नगर में आधा बजार खुला रहा और आधा बंद, लेकिन बाजार से ग्राहक गायब रहे। 
पिछोर का बाजार भी पूरी तरह से बंद रहा। पिछोर नगर में पेट्रोल पम्प प्राईवेट डॉक्टर्स की दुकाने खुली रही। 
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