नलजल योजना घोटाला: कागजों में मिल रहा है ग्रामीणों को पानी, धरातल पर पानी के लिए हाहाकार

सतेन्द्र उपाध्याय, शिवपुरी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग की अनदेखी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में पानी कि शिकायतें मिलने लगी है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रो में जल नल योजनाओ सहित, बोर और हैडपंप खराब होने की शिकायतें लेकर पीएचई विभाग के चक्कर काट रहे है। पानी कि विकराल होती जन समस्या के बीच लोक स्वास्थ यांत्रिकीय विभाग से एक चोंकाने वाली खबर सामने आई है। जिसमें कोलारस अनुविभाग में जन सुविधा के लिए 23 जल नल योजनाऐं ग्रामीण क्षेत्रो में पीएचई विभाग द्वारा चालू बताई जा रही है। लेकिन जब शिवपुरी समाचार डॉटकॉम द्वारा जब इस मामले कि तह तक जाने कि कोशिश कि तो ग्रामीणो से चर्चा करने पर पीएचई विभाग कि सच्चाई का पर्दा फाश हो गया ग्रामीणो क्षेत्रो में जाकर देखा तो 23 जल नल योजनाओ में करीब 60 प्रतिशत जल नल योजनाऐं वर्षो से बंद पड़ी मिली।

ग्रामीणो कि माने तो लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग कि महत्वपूर्ण योजनाओ में से एक जल नल योजना को पीएचई विभाग के नुमाईदो ने जमकर पलीता लगाया है। केालारस अनुविभाग के दर्जनो गांवो में जल नल योजना सिर्फ कागजो में पानी दे रही है। शासन कि मंशा के ग्रामीणो को घर घर पानी पहुंचाने के लिए लगाई थी लेकिन यह योजना फाईलो में ही गांवो में पानी दे रही है। जिसके चलते लोक स्वास्थ यांत्रिका विभाग कि मुख्य योजना कागजो कि शोभा बनकर रह गई है।

गर्मी के प्रकोप और अल्प वर्षा के कारण जब शिवपुरी समाचार डॉट कॉन ने क्षेत्र में जल नल योजना कि हकीकत जानने कि कोशिश कि तब जमीनी हकीकत का पता चला। और लोक स्वास्थ यांत्रिकीय विभाग के कारनामो का पर्दा फास हो गया। क्षेत्र भ्रमण में पता चला कि अधिकांश गांवो में जल नल योजना कभी चालू ही नही हुई जबकी पीएचई के जिम्मेदार इनहे वर्षो से कागजो में चालू बता रहे है। ग्राम डेहरवारा में ग्रामीण दो से तीन कि.मी. से नीजी बोर से पानी लेकर आ रहे है। 

इस गांव में जल नल योजना द्वारा 70000 लीटर क्षमता कि टंकी घर घर पानी पहुंचाने के लिए बनाई गई थी जो वर्षो से बंद पड़ी है। ग्राम तेंदुआ में भी जल नल योजना वर्षो से बंद है तेंदुआ ग्रामीणो का कहना है कि गांव में जल नल येाजना वर्षो से बंद पड़ी है। लोग हैडपंप और नीजी बोर से पानी ला रहे है। एक बोर चुनावो से पहले किया गया है। जो बिजली कि समस्या के कारण बंद है। ऐसे ही ग्राम खरई में भी जल नल योजना द्वारा बनाई गई 75000 लीटर क्षमता कि टंकी वर्षो से अपने रख रखाब पर आंसु बहा रही है। यह टंकी भी वर्षो से बंद है। ग्रामीणो का कहना है करीब 4 साल से यहां जल नल योजना बंद है पाईप टूटे पड़े है। ग्रामीण दूर से नीजी बोर से पानी ला रहे है। ऐसे में प्रशासन कि पादर्शिता पर सवाल उठने लगे है।

ऐसे में एक बड़ा सवाल सामने आया है कि शासन कि इतनी बड़ी योजना का आखिर कैसे पतन किया गया यह मामला पूरी तरह से हाईप्रोफाईल दिखाई पड़ रहा है। प्रथम दृष्ठता में देखा जाए तो यह एक बड़ी चूक है। अगर इस मामले कि निष्पक्ष जांच कि जाए तो जाने कितने ही अधिकारी जांच कि जद में आएंगे।

कोलारस में पीएचई अधिकारी ने 23 जल नल योजना चालू होने का किया दावा -
कोलारस अनुविभाग के सव. ईजीनियर हार्दी गर्ग ने कोलारस अनुविभाग में करीब 23 जल नल योजनाओ को चालू होना बताया जबकी वास्तिविक स्थित देखे तो धरातल पर इनमें से आधी भी चालू नही है। आधा दर्जन गांवो में वर्षो से जल नल योजना ठप पड़ी हुई है। ऐसे में प्रशासन कि पादर्शिता पर सवाल उठना तय है।

दोषियो को बचाने के लिए ऑपरेशन शुरू -
जैसे ही यह मामला मीडिया कि सुर्खियां बना वैसे ही विभाग के बड़े बड़े अधिकारीयो कि पोल खुलने का डर ने अधिकारीयो कि नींद उड़ा दी और विभाग कि बदनामी और कार्यवही का डर सताने लगा है। उनहे सताने लगा जिसके चलते अधिकारीयो ने अंदरूनी रूप से मामले कि जांच कराकर कुछ चीजो को तोड़ मरोड़ कर कागजी कार्यवाही को सही करके मामले को निपटारा कराने कि जुगत में लगे हुए है।

इनका कहना है -
हमारे गांव में करीब 4,5 साल से पानी कि टंकी बंद है। शिकयत भी की गई ह लेकिन अभी तक कोई हल नही निकला है।
महाराज सिंह - निवासी ग्राम खरई

पानी कि समस्या को लेकर गांव भर परेशान है हैड पंप बंद पड़े है जल नल योजना तो कभी चालू हुई ही नही है शिकायतें करने पर कोई नही सुनता है। हम 3 किमी से पानी नीजी बोरो से लाने को मजबूर है। रोज मेरे बोर पर गांव के सेंकड़ो लोग बाईक और नीजी वाहनो से कटिटयां लेकर बोर से पानी भरने आते है।
करन सिंह - निवासी ग्राम डेहरवारा

हमारे गांव में पानी के बुरे हाल है। करीब तीन साल स ेजल नल योजना बंद पड़ी हुई है। चार पानी टंकी है। लेकिन चालू एक भी नही है। एक बोर लगा है चुनाव के समय लेकिन डीपी नही होने के कारण वह भी बंद है।
हरिकिशन धाकड़ - निवासी ग्राम तेंदुआ

23 जल नल योजनाऐं कोलारस विकासखण्ड में 23 बदरवास विकासखण्ड में चालू है 46 जल नल योजनाओ में से 40 के करीब जल नल योजनाए चालू है। जो चालू नही है इनमें से कुछ में तकनीकी खामियां आई है जिनहे जल्द ठीक कराकर चालू कराया जा रहा है बाकी डेहरवारा, तेंदुआ, खरई कि जल नल योजना चालू है।
हार्दी गर्ग -सव. इंजीनीयर पीएचई विभाग
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