दोशियान का दावा:14 तक आएगा पानी, पब्लिक पार्लियामेंट ने फिर 20 अप्रेल से मांगी सत्याग्रह की अनुमति

शिवपुरी। शहरवासियों के लिए महज सपना बनी सिंध परियोजना का शिवपुरी आने के आसार दिन व दिन लोगों को परेशान कर रहे है। शिवपुरी तक पानी आने के बाद भी दोशियान की काम की गुणबत्ता के चलते करोड़ों की इस योजना की पोल खुल रही है। अब दोशियान के संचालक रक्षित दोशी का कहना है कि  प्रशासन ने उन्हें 14 अप्रैल तक शहर में सिंध का पानी लाने की अनुमति दे दी है। 14 अप्रेल तक दोशियान शहर की पांच प्रमुख टंकियां गांधी पार्क, सब्जी मण्डी, कलेक्ट्रेट, पुलिस लाईन, फतेहपुर और करोंदी संपवेल को भरेगी। दोशियान जहां-जहां लीकेज हुए है वहां दुबारा फिक्सर लगा रही है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि दोशियान को 14 अप्रैल तक का समय दिया गया है। 

विदित हो कि कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने इस पर खुलकर दोशियान के प्रति खुलकर नाराजी व्यक्त की। यशोधरा राजे सिंधिया ने सिंध जलावर्धन योजना की असलीयत जानने हेतु विशेषज्ञ राव को शिवपुरी भेजा। नागरीय प्रशासन विभाग के इएनसी प्रभाकांत कटारे को भी शिवपुरी भेजा गया और दोनों अधिकारियों ने फिल्टर प्लांट तथा मड़ीखेड़ा पहुंचकर कार्य की गुणवत्ता को परखा और इस बात को जानने का प्रयास किया कि पाईप लाईन  में लगातार लीकेज क्यों हो रहे है। 

दोशियान का कहना है कि दोनों अधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि लीकेज दुरूस्त करने के लिए जिस फिक्सर का इस्तेमाल किया जा रहा है वह गुणवत्ता की दृष्टि से ठीक नहीं है जिससे बार-बार लीकेज हो रहे है। इस पर बताया जाता है कि दोशियान ने दिल्ली से नया फिक्सर मंगाया है और इसका उन ज्वाइंटों पर इस्तेमाल किया जा रहा है जहां लीकेज हुए है। पुन: वहां फिक्सर लगाया जा रहा है। दोशियान सूत्र बताते है कि युद्ध स्तर पर यह काम किया जा रहा है और अगले पांच दिन में 14 अप्रैल तक शहर में सिंध का पानी पहुंच जाएगा। 

दोशियान के लिए यह आखिरी मौका
सूत्र बताते है कि प्रशासन ने दोशियान को यह आखिरी मौका दिया है और इस बार भी यदि समस्या नहीं निपटी तो शासन और प्रशासन ने दोशियान को पेकअप करने का निर्णय ले लिया है। दोशियान को टर्मिनेशन नोटिस का ड्राफ्ट भी तैयार किया जा रहा है। साथ ही पीएनसी कटारे ने एक अलग टीम बनाई है। 

जो प्रोजेक्ट का परीक्षण कर यह देख रही है कि दोशियान ने कितना काम गुणवत्तापूर्ण किया है और कितना काम गुणवत्ताहीन किया है। दोशियान को जो पेमेंट हुआ है वह काम से अधिक तो नहीं है। 14 अपै्रल तक पानी न आने की स्थिति में दोशियान को नोटिस दे दिया जाएगा और या तो सिंध जलावर्धन योजना का काम नगरीय प्रशासन विभाग स्वयं देखेगा अथवा इसके लिए नए टेंडर कॉल किए जाएंगे। 

पब्किल पार्लियामेंट ने मांगी सत्याग्रह की अनुमति
पब्लिक पार्लियामेंट ने 20 अप्रैल से माधव चौक पर शहर को सिंध पेयजल उपलब्ध कराने की दृष्टि से धरना प्रदर्शन करने की अनुमति एसडीएम एलके पाण्डेय से मांगी है। पब्लिक पार्लियामेंट ने इससे पहले 9 अप्रैल से धरना प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। लेकिन धारा 144 का हवाला देकर प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। पब्लिक पार्लियामेंट के प्रमोद मिश्रा ने बताया कि एसडीएम पाण्डेय ने उन्हें आश्वासन दिया है कि 20 अप्रैल से जलक्रांति सत्याग्रह चलाने की उन्हें अनुमति दी जाएगी। 

विदित हो कि जलक्रांति सत्याग्रह प्रारंभ करने के लिए एक माह पूर्व पब्लिक पार्लियामेंट ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था और कहा था कि 8 अप्रैल तक शहर में सिंध का पानी नहीं आया तो पब्लिक पार्लियामेंट 9 अप्रैल से माधवचौक पर अनिश्चित काल के लिए धरना देगी। अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने के पूर्व 5 अप्रैल को पब्लिक पार्लियामेंट ने 9 अप्रैल से धरना प्रदर्शन की अनुमति दिए जाने हेतु एसडीएम पाण्डेय को पत्र सौंपा। इस पत्र पर एसडीओपी शिवपुरी ने अपना अभिमत दिया कि शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति के चलते धारा 144 लागू है। इस कारण अनुमति दिया जाना उचित नहीं है। 

इस अभिमत के आधार पर एसडीएम ने पब्लिक पार्लियामेंट से सहयोग की मांग  की और अनुमति देने से इंकार कर दिया। पब्लिक पार्लियामेंट के सदस्यों का कहना है कि एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दिया था कि 20 अप्रैल से वह उन्हें धरना प्रदर्शन करने की अनुमति दे देंगे। इसी आधार पर पब्लिक पार्लियामेंट ने आज एसडीएम को अनुमति दिए जाने हेतु पत्र सौंपा। पत्र में उल्लेख किया गया है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 का हवाला देते हुए कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक ढंग से शांतिपूर्ण और बिना हथियारों के अपनी जायज मांगो के लिए प्रदर्शन करने का अधिकार है और भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक के इस अधिकारों की गारंटी देता है। 

उन्होंने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 144 राज्य को तत्काल रोकथाम या त्वरित उपाए बांछनीय होने पर कार्य करने की अनुमति देती है। पत्र में उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का भी उल्लेख किया है, जिसमें उदाहरण के तौर पर अनीता ठाकुर और अन्य बनाम जम्मू कश्मीर सरकार और हिम्मतलाल बनाम पुलिस कमीश्रर अहमदाबाद का प्रस्तुत किया है और प्रशासन से मांग की है कि शांतिपूर्वक सत्याग्रह के लिए यदि कानूनन अनुमति का प्रावधान है तो वह जलक्रांति सत्याग्रह के लिए शिवपुरी टॉकीज के सामने माधव चौक चौराहे पर अनुमति प्रदान करे।

Share on Google Plus

About Yuva Bhaskar

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

-----------

analytics