सिंध जलावर्धन योजना में भ्रष्टाचार, पुलिस महानिरीक्षक से शिकायत

शिवपुरी। सिंध जलावर्धन योजना में बरती जा रही लेट-लतीफी व कार्य में घटिया मटेरियल इस्तेमाल को लेकर एडवोकेट विजय तिवारी ने पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज से शिकायत की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि गर्मियों में जिले में पानी की स्थिति खराब हो जाती है जिस कारण सांप्रदायिक सौहार्द बिगडऩे की आशंका है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार, इंजीनियर, नपा अधिकारी, कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की बात भी की गई है। 

पुलिस महानिरीक्षक को की लिखित शिकायत में विजयी तिवारी ने कहा है कि शहर में व्याप्त गंभीर जल संकट को देखते हुए 9 वर्ष पहले शासन द्वारा सिंध जलावर्धन योजना को स्वीकृति दी थी जिससे शहर की ढाई लाख आबादी को पानी उपलब्ध हो सके, लेकिन आज तक सिंध आवर्धन योजना का जल नसीब नहीं हुआ है। 

पानी न मिलने का कारण दाशियान कंपनी द्वारा कार्य में लगातार लापरवाही बरती गई तथा नगर पालिका परिषद के जि मेदार अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा दोशियान कंपनी के गुणवत्ताविहीन कार्य की मॉनिटरिंग नहीं की। 

शिकायत में यह भी बताया कि दोशियान कंपनी द्वारा 50 करोड़ रुपए भी कार्य के एवज में प्राप्त कर लिए गए किंतु आज तक सिंधके जल की एक बूंद शहर के नागरिकों को नहीं मिली। 

वहीं योजना के बारे में कंपनी के अधिकारियों द्वारा आए दिन बयानबाजी कर शहर की जनता के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। इतना ही नहीं दोशियान कंपनी के साथ हुए अनुबंध की शर्तों को भी नगर पालिका परिषद के अधिकारियों व जनप्रतिनिध द्वारा कमीशन खोरी के फेर में भारी पैमाने पर अदला-बदली की गई।

जनता के साथ हुई धोखाधड़ी
शिकायत में तिवारी ने कहा कि दोशियान कंपनी के गुणवत्ता विहीन कार्य तथा नगर पालिका परिषद शिवपुरी के अधिकारियों द्वारा अपने निहित आर्थिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए जनता के टैक्स के रूप में दिए गए रुपयों का आर्थिक दुर्विनियोग किया है। 

वर्षों से नगर पालिका शिवपुरी के संबंधित अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा शहर की जनता के साथ सिंध जलावर्धन योजना के नाम पर धोखाधड़ी की जाकर शासकीय धनराशि का बड़े पैमाने पर आपराधिक षडयंत्र कर अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए गबन किया है। 

खराब हो रहा माहौल
एडवोकेट ने बताया कि शहर अत्यधिक ड्राई जोन में तब्दील हो चुका है। शहरी क्षेत्र में एक हजार फीट तक बोर में पानी की एक बूंद भी उपलब्ध नहीं है। गर्मियों के मौसम में शिवपुरी के शहरी क्षेत्रों में गंभीर  पेयजल संकट के कारण प्रशासन व पुलिस के समक्ष कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है। 

क्योंकि जल संकट के कारण पानी की दैनिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए नागरिक आपस में लड़ाई-झगड़े करते हैं, जिस कारण आपसी सौहार्द का वातावरण समाप्त हो रहा है। पानी के लिए लड़ाईयां होना शुरू हो गई हैं जिसके लिए दोश्ाियान कंपनी के डायरेक्टर रक्षित दोषी, जनरल मैनेजर महेश मिश्रा तथा सुपरवाइजर देवेंद्र विजयवर्गीय दोषी हैं। 

एडवोकेट तिवारी ने मामले में नगर पालिका परिषद शिवपुरी के जि मेदार अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, उडायरेक्टर रक्षित दोषी, जनपरल मैनेजर महेश मिश्रा तथा सुपरवाइजर देवेंद्र विजयवर्गीय के विरूद्ध 420, 409 भादवि एवं नगर पालिका के जि मेदार अधिकारियों के सिरूद्ध आपराधिक षडयंत्र धारा 120 बी भादवि के तहत अथवा अन्य प्रावधानों के तहत केस दर्ज किए जाने की बात शिकायत में कही गई।
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